मेरे चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसला हाईकमान करेगा। पार्टी का फैसला मुझे स्वीकार्य होगा। यह बात हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने अमर उजाला के साथ बातचीत में कही।
सिरसा से पहली बार सांसद बने डॉ. अशोक तंवर दूसरी बार भी सिरसा से ही लोकसभा चुनाव लड़ने पर जोर दे रहे थे।
अंबाला की सांसद कुमारी सैलजा को कांग्रेस ने अचानक राज्यसभा भेज दिया तो तंवर को वहां से चुनाव लड़ाने की चर्चा पार्टी के भीतर चल पड़ी।
अब उनके दोनों सीटों पर प्रत्याशी के तौर पर उतरने की चर्चाएं चल रही हैं। अमर उजाला ने उनसेे यही सवाल किया तो तंवर बोले, ‘मेरे चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसला हाईकमान को करना है।
मैं दिल और दिमाग से पूरी तरह तैयार हूं। अलबत्ता, मैंने सिरसा में 35 से 40 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए हैं।
रेलवे ओवरब्रिज, अंडरब्रिज, सड़कें, पुल, सिंचाई-पानी लाने, एक दर्जन आईटीआई बनवाने जैसे अनेक काम किए हैं। इसके बावजूद मुझे चुनाव लड़ना है या नहीं, लड़ना है तो अंबाला से लड़ना है या सिरसा से, यह पार्टी हाईकमान तय करेगा।’
किरण-धर्मबीर विवाद की जांच कर रहा हूं
मंत्री किरण चौधरी और सीपीएस धर्मबीर सिंह के बीच चल रही जुबानी जंग और किरण चौधरी की तरफ से की गई शिकायत पर तंवर ने कहा, ‘मैं स्वयं इस मामले की जांच कर रहा हूं। मुझे शिकायत मिली है।
दूसरे पक्ष की बात भी सुनूंगा। तालमेल की कमी है तो उसे सुलझाएंगे। आज पार्टी को हर वर्कर, नेता की जरूरत है। पार्टी प्रभारी से बात करने के बाद उचित कदम उठाएंगे।’
धर्मबीर सिंह के भिवानी-महेंद्रगढ़ से ही चुनाव लड़ने की घोषणा पर तंवर ने कहा,‘चुनाव लड़ने का अधिकार सबको है। टिकट मांगने का अधिकार सबको है।
लोग मेरे खिलाफ भी टिकट मांगते हैं लेकिन यह पार्टी तय करती है कि किसे चुनाव लड़ाना है। हम सबसे बढ़िया उम्मीदवार मैदान में उतारेंगे। ’
गेस्ट टीचरों और कांट्रैक्ट पर लगे कर्मचारियों का समाधान हो
डॉ. अशोक तंवर ने कहा, ‘गेस्ट टीचरों और कांट्रैक्ट पर लगे कर्मचारियों का समाधान निकलना चाहिए। इससे हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। मैं सरकार से भी बात कर रहा हूं। उन्हें रेगुलर करने में अगर कोई तकनीकी कारण है तो उसका समाधान होना चाहिए।’
हर खंड में चलेगी पद यात्रा
तंवर ने कहा कि पार्टी संगठन की मजबूती और चुनाव की तैयारियों के लिए 10 से 30 मार्च तक हर खंड में 7 दिन की पद यात्रा करेगी।
इसमें बूथ स्तर के वर्कर से लेकर शीर्षस्थ स्तर के सांसद, विधायक, मंत्री अपने-अपने खंड की पदयात्रा में शामिल होंगे। हर रोज 15 से 20 किमी तक यह यात्रा चलेगी।
करीब 125 किलोमीटर चलने वाली इस यात्रा में सरकार की उपलब्धियां गिनाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि 3 मार्च को चंडीगढ़ में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पिछले चुनाव में रहे उम्मीदवारों की बैठक में लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाने पर चर्चा होगी।