हरियाणा की भाजपा सरकार ने प्रदेश में गुजरात दंगों का मॉडल पेश किया है। उपद्रव के कारण प्रदेश के भाईचारे के साथ व्यवसाय को भी भारी नुकसान पहुंचा है। भाजपा के साथ-साथ इनेलो ने भी सांप्रदायिक दंगों को फैलाने में अहम भूमिका निभाई। यह बात मंगलवार को आरक्षण आंदोलन में दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के दौरान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा। तंवर ने पीड़ितों से नुकसान की जानकारी हासिल की।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि जाट आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के दौरान सरकार मूकदर्शक बनी रही। इस दौरान सरकार व प्रशासन पूरी तरह से फेल रहा। उन्होंने कहा कि उपद्रव की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पूरे आंदोलन में हुए उपद्रव की सूचना मैंने सोनिया गांधी व राहुल गांधी को दे दी है। वे आंदोलन के दौरान अपने क्षेत्रों में थे। इस मामले में कांग्रेस कोई राजनीति नहीं कर रही है। उनका उद्देश्य प्रदेश में शांति बहाल करना है।
उपद्रव के दौरान अपनी ड्यूटी न करने वाले अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि आरक्षण आर्थिक, सामाजिक व शैक्षणिक तौर से पिछडे़ लोगों को मिलना चाहिए। कांग्रेस ने देश के पिछड़ों को आरक्षण देकर उनको आगे बढ़ाने का काम किया है। प्रो. वीरेंद्र सिंह के मामले में तंवर ने कहा कि उन्होंने संज्ञान लेते हुए अनुशासन कमेटी को पूरे मामले की जानकारी दे दी थी। वीरेंद्र को नोटिस जारी कर दिया गया था।
आरक्षण आंदोलन में खराब हुए भाईचारे की भरपाई नहीं
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर मंगलवार को पूंडरी में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई आगजनी का जायजा लेने पहुंचे। तंवर ने पेहवा चौक पर स्थित उन सभी दुकानों का जायजा जिन में आगजनी की घटनाएं हुई थी, उन्होंने पीड़ितों से पूछा कि क्या सरकार ने उन्हें मुआवजा दे दिया और दे दिया तो उतना मिला क्या जितना उन्हें नुकसान हुआ।
तंवर ने कहा कि इस आरक्षण आंदोलन के दौरान जिन दुकानों में नुकसान हुआ है, उसकी क्षति पूर्ति तो शायद हो भी जाए लेकिन जो भाईचारा खराब हुआ है, उसकी भरपाई कैसे होगी। इस मौके पर उनके साथ रवि मैहला, रमेश भादू, रणधीर सिंह, ओमप्रकाश नैहरा, अजय शर्मा, विकास सिंगला, राजेश, महीपाल मोहना, शीशपाल करोड़ा, बलराज फतेहपुर व अमित मोहना सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।