फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्शन मोड में आए अरविंद केजरीवाल, आक्रामक तेवर, बोले- बगावत बर्दाश्त नहीं करेंगे

Mon, 19 Mar 2018 11:18 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
arvind kejriwal
विज्ञापन
सब तमाशा देखने के बाद अब अरविंद केजरीवाल एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने आक्रामक तेवर दिखाते हुए पंजाब आप को अल्टीमेटम दिया है। हाईकमान ने साफ कर दिया है कि पंजाब में बगावती सुर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। रविवार को दिल्ली में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास पर हुई बैठक में पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के विधायकों को यह संकेत दिए।
विज्ञापन


बैठक पांच बजे शुरू हो गई थी, लेकिन केजरीवाल साढ़े छह बजे पहुंचे। अलग पार्टी बनाने या स्वायत्तता देने की मांग को लेकर झंडा बुलंद करने वाले नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा और कंवर संधू को करारा झटका लगा। दो दिन पहले विधानसभा में हुई बैठक के दौरान इनके साथ कुल 15 विधायक थे। लेकिन इनकी उम्मीद से परे दिल्ली में हुई बैठक में दस विधायक पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक, तीन विधायक ऐसे भी थे, जिन्होंने फोन पर भरोसा दिया कि वे हाईकमान के साथ हैं।

संख्या बल से उत्साहित आप हाईकमान ने भी तय कर लिया है कि बगावत से कैसे निपटना है। मीटिंग में कहा गया कि जो विधायक नहीं आए हैं, अगले दो-तीन दिन में उनसे बातचीत की कोशिश की जाएगी। लेकिन यह भी संकेत दे दिए गए कि उन्हें दिल्ली ही आना होगा। जबकि, खैरा गुट ने यही एलान किया था कि मीटिंग करनी है तो पंजाब आएं। हाईकमान ने यह भी संकेत दिए हैं कि अगर बाकी विधायक नहीं मानते हैं तो उनके साथ क्या करना है।
विज्ञापन


दिलचस्प बात यह रही कि दो दिन पहले जो विधायक केजरीवाल द्वारा बिक्त्रस्म मजीठिया से माफी मांगने पर एतराज जता रहे थे, वे माफी की वजह पर सहमत हो गए। उन्हें बताया गया कि कोर्ट केसों के बोझ के कारण यह किया गया है।
Trending Videos
विज्ञापन

भगवंत मान और अमन अरोड़ा का इस्तीफा नामंजूर

केजरीवाल भगवंत मान और मजीठिया
इसके बाद प्रदेश प्रधान भगवंत मान और सह-प्रधान अमन अरोड़ा का इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया, ये दोनों अपने पदों पर बने रहेंगे। साथ ही सोमवार को सीएम आवास पर सभी विधायकों और जोनल प्रधानों द्वारा धरना देने का फैसला भी किया गया।

ये विधायक पहुंचे दिल्ली
दिल्ली मीटिंग में पहुंचने वालों में सह-प्रधान अमन अरोड़ा, उप नेता विधायक दल सरबजीत कौर मानुके, जसकरन रोडी, रूपिंदर रूबी, बलजिंदर कौर, अमरजीत संदोहा, कुलतार सिंह संधवां, बुध राम, हरपाल चीमा, मनजीत सिंह बिलासपुरी शामिल हैं। वहीं, कुछ विधायक सुखपाल खैरा के घर पर भी मौजूद थे। जिनमें मीत हेयर, कुलवंत सिंह पंडोरी, पिरमल सिंह है।

गांधी जैसा हो सकता है बागियों का हाल
चंआम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने यह तय कर लिया है कि बगावत से कैसे निपटना है। संख्या बल उनके पास है, इसलिए कोई मुश्किल काम नहीं है। 13? विधायक हाईकमान के साथ हैं। बाकी सात विधायक भी एकजुट नहीं है। हो भी गए तो अलग पार्टी नहीं बना सकते। अगर वे हाईकमान की हां में हां नहीं मिलाते हैं तो उनका हाल भी डॉ. धरमवीर गांधी और हरिंदर खालसा जैसा हो सकता है। जिन्हें सिर्फ सस्पेंड किया गया है, निकाला नहीं गया। अगर वे खुद पार्टी छोड़ते हैं तो उनकी संसद सदस्यता जाएगी। यही हाल आप विधायकों का भी होगा। अगर सुखपाल खैरा अब भी बगावत का झंडा बुलंद करते हैं तो नेता प्रतिपक्ष पद भी जाना तय माना जा रहा है।

संधू ने मांगा अलग संविधान
सुखपाल खैरा के हिमायती कंवर संधू ने रविवार शाम एक विडियो पोस्ट कर फिर ज्यादा स्वायत्तता की मांग की। उन्होंने इस बात का खंडन किया कि कोई पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहा है। संधू ने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने छह मेंबरी कोर कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन दिल्ली वालों ने 21 मेंबरी कमेटी बना दी, जिसमें वे लोग थे जिन्हें हार के लिए वजह माना गया। यह स्वायत्तता नहीं है। पंजाब इकाई का अपना संविधान, अपना फंड जुटाने का सिस्टम और सारी चीजें होनी चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें