पंजाब आप के वरिष्ठ नेता एडवोकेट एचएस फूलका ने ट्वीट कर राज्य के आप नेताओं को नसीहत दी कि वे आलाकमान से सूबे में पार्टी की स्वायत्तता की मांग करें न कि अलग पार्टी बनाने की। उन्होंने हिदायत दी कि आप नेताओं को आलाकमान के साथ जुड़े रहकर पंजाब में एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में काम करना चाहिए। जबकि कंवर संधू ने अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर मांग की है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी को क्षेत्रीय पार्टी की तरह काम करने दिया जाए। भगवंत मान और सुखपाल सिंह खैरा को पंजाब से जुड़े मामलों में फैसले लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए। ऐसा करने से पार्टी की परेशानियां खत्म होंगी।
रविवार को दिल्ली तलब किए गए पंजाब आप से सभी विधायकों की मुलाकात को आरपार के नजीजे के तौर पर देखा जा रहा है। केजरीवाल द्वारा मजीठिया से माफी मांगे जाने को लेकर पंजाब आप के विधायकों ने जो नाराजगी और गुस्सा प्रदर्शित किया। कई विधायक पार्टी से अलग होने या अलग पार्टी बनाने की चर्चा में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, 15 से अधिक विधायक बैंस बंधुओं की लोक इंसाफ पार्टी के साथ मर्जर की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं जबकि कुछ विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं। पंजाब आप के विधायक इस बात से भी खफा हैं कि केजरीवाल कोई भी फैसला लेने से पहले किसी की राय नहीं लेते।