नोटबंदी के बाद से आम आदमी से लेकर खास वर्ग के लोगों को आम बजट से बहुत उम्मीदें थीं। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए आम बजट में हर एक तबके के लोगों का ख्याल रखा गया है।
एक ओर अमीर वर्ग जो पहले 1 करोड़ से ऊपर 10 फीसदी अलग से टैक्स देता था उसे अब 50 लाख से ऊपर पर भी 10 फीसदी अलग टैक्स देना पड़ेगा। वहीं गरीब और मध्य वर्ग के नौकरीपेशा और व्यापार करने वाले लोगों को 5 लाख तक की आय में 5 फीसदी टैक्स की छूट दी है। वित्त मंत्री ने मध्य वर्ग को दी राहत को अमीर वर्ग से वसूल किया है।
बजट आम आदमी के लिए बढ़िया है। सर्विस टैक्स 2 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन इसे नहीं बढ़ाया गया है, जिससे हर वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। वहीं टैक्स में 5 फीसदी की छूट से मध्यम वर्गीय नौकरीपेशा या व्यापारियों को राहत मिलेगी। उन्हें कम से कम 12 हजार रुपये तक का फायदा होगा। वहीं, सरकार ने गरीब वर्ग के लोगों के लिए एक करोड़ घर बनाने का प्रस्ताव पेश किया है। इससे इंडस्ट्री को भी फायदा होगा और आम आदमी को भी।
- अशोक कुमार सूद, चाटर्ड अकाउंटेंट
'वित्त मंत्री ने सभी तबके के लोगों का रखा ख्याल'
Budget 2017
- फोटो : अमर उजाला
कुल मिलाकर अच्छा बजट है। सभी वर्ग को कुछ न कुछ राहत मिली है। कॉरपोरेट वर्ग को 5 फीसदी टैक्स में राहत मिली है तो व्यक्तिगत को भी टैक्स में राहत मिली है। हां उच्च वर्ग के लोगों को जो पहले एक करोड़ से ऊपर इनकम पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देते थे उन्हें अब 50 लाख से 1 करोड़ पर ही 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पहले तीन साल पर होता है जिसे सरकार ने अब 2 साल कर दिया है। निश्चित तौर पर इससे इंडस्ट्री और हाउसिंग सेक्टर को फायदा होगा।
- विशाल जोशी, चाटर्ड अकाउंटेंट
बजट स्टार्ट अप के लिए मिला-जुला है। हालांकि नये उद्यमों और महिला उद्यमियों के लिए और भी किया जाना चाहिए था, लेकिन उनके लिए कुछ खास नहीं है। सात वर्ष तक स्टार्टअप के लिए कर में छूट देने की घोषणा अच्छी है। हालांकि स्टार्टअप को वित्त मंत्री से इस बजट में और भी अपेक्षाएं थीं, जो पूरी नहीं हो सकीं।
- केएस भाटिया, संस्थापक, पम्पकार्ट
बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। लोगों को उम्मीद इससे अधिक की थी। फिलहाल स्माल इंडस्ट्री को 5 फीसदी छूट की घोषणा सराहनीय कदम है। इसका स्वागत है। वहीं इनकम टैक्स स्लैब की पांच लाख रुपये आय तक 5 फीसदी टैक्स छूट भी आम आदमी के लिए राहत देने वाला है।
- एमपीएस चावला, इंडस्ट्रियलिस्ट