मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने वीरवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर राज्य के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की।
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इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पेशल टर्म लोन के 2694 करोड़ की री-इंबर्समेंट सहित 1980 से 1995 के बीच आतंकवाद के दौर में प्रदेश में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की वजह से प्रदेश पर पड़े 298 करोड़ के बोझ को समाप्त करने की भी मांग की।
बादल की मांगों पर जेटली ने कहा कि वह सारे मसले को मंत्रालय से एग्जामिन करवाएंगे, ताकि कोई अंतिम निर्णय लिया जा सके।
पंजाब का कर्ज माफ किया जाए
जेटली के साथ विचार-विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वें वित्त आयोग की रिपोर्ट आने से पहले पंजाब को चालू वित्त वर्ष के दौरान 5000 करोड़ रुपये की नॉन प्लान ग्रांट जारी की जाए। साथ ही एफसीआई और प्रदेश की प्रिक्योरमेंट एजेंसियों के बीच 10000 करोड़ के बकाया को सेटल करने की बात भी की।
प्रदेश में आतंकवाद के दौर को ध्यान में रखते हुए पंजाब के 1.02 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को माफ करने की मांग मुख्यमंत्री बादल ने केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि पंजाब ने आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई लड़ी, जिसका नतीजा यह है कि आज पंजाब कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। इसे माफ करने की बात पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने भी मान ली थी, अब एनडीए सरकार को इस बारे में फैसला लेना चाहिए।
साथ ही कहा कि 1982 से पहले पंजाब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट था, लेकिन आतंकवाद और पड़ोसी राज्यों को औद्योगिक रियायतें दिए जाने की वजह से प्रदेश पर कर्ज बढ़ता ही चला गया। इसलिए पंजाब को विशेष पैकेज की जरूरत है। उन्होंने स्माल सेविंग लोन पर ब्याज की दर 9.5 व 10 से कम करके 9 प्रतिशत करने की गुजारिश भी की।
इन मंत्रियों से मिलकर रखीं ये मांगें
अरुण जेटली, वित्त मंत्रीः बादल ने वित्त मंत्री से राज्य के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करने, 10 हजार करोड़ रुपये के लंबित बकायों को निपटाने में हस्तक्षेप, चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानों को शुरू कराने की अपील की। जेटली ने जल्द ही इन मांगों पर अमल करने का आश्वासन दिया।
पीयूष गोयल, ऊर्जा मंत्रीः मुख्यमंत्री ने कोयले और बिजली का मामला उठाया। ऊर्जा मंत्री ने राज्य को 100 प्रतिशत घरेलू कोयला आवंटित करने को कहा है। इससे राज्य में बिजली संकट को दूर करने में मदद मिलेगी।
नितिन गडकरी, परिवहन मंत्रीः मुख्यमंत्री ने लुधियाना-तलवंडी फोर लेन बाई पास को फिरोजपुर तक करने, राज्य के सीमा, कंडी क्षेत्रों में पीने के पानी की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य को विशेष आर्थिक दर्जा देने की अपील की। गडकरी ने जालंधर-पानीपत हाईवे को चौड़ा करने के लिए पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।
राधा मोहन सिंह, कृषि मंत्रीः मुख्यमंत्री ने गेहूं और धान के विकल्प केतौर पर मक्के की फसल को बढ़ावा देने के लिए इस पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने को कहा। मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया गया कि राज्य में केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही सेंटर ऑफ सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर (सीफा) स्थापित किया जाएगा।
ये मांगे भी रखीं
स्पेशल टर्म लोन के 2694 करोड़ का रीइंबर्समेंट करें5000 करोड़ रुपये का नान प्लान ग्रांट जारी किया जाए10000 करोड़ रुपये का बकाया सेटल किया जाए1.02 लाख करोड़ का कर्ज माफ किया जाए
सीएम बादल ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत के लिए डिफेंस क्लीयरेंस जल्द दिलवाने की मांग की। एयर फोर्स स्टेशन आदमपुर और हलवारा पर सिविल एयर टर्मिनल स्थापित करने की इजाजत भी मांगी। जेटली ने कहा कि रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से बात करेंगे।
पंजाब की बाकी नदियों के लिए भी मांगी राशि बादल ने पंजाब में घग्गर नदी की चैनलाइजेशन को पूरा कराने, नवीनीकरण संबंधी प्रोजेक्ट, सतलुज से निकली नहरों के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण व प्रसार, पंजाब में सेम की समस्या, ब्यास दरिया को प्रदूषण मुक्त करने, रावी नदी से संबंधित प्रोजेक्टों के लिए भी राशि जारी करने की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने आश्वासन दिया कि पंजाब की सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
किसानों के लिए मांगी कर्ज राहत राज्य के किसानों के लिए व्यापक कर्ज राहत पैकेज की भी मांग की, जो कि समय लगभग 30 हजार करोड़ रूपये के कर्जे के बोझ तहत दबे हुए हैं। इसके कारण उनमें आत्महत्या का रुझान बढ़ा है। उन्होंने लघु एवं मध्यम किसानों को दो प्रतिशत की ब्याज दर से कर्जे और 6% की दर से निवेश क्रेडिट के देने की वकालत की।