अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उपजे हालात की समीक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर और पड़ोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा के इंटेलिजेंस विभाग की एक संयुक्त बैठक अगले हफ्ते चंडीगढ़ में होगी। पंजाब पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय की ओर से इन राज्यों को भेजे पत्र में कहा गया है कि वे एक संयुक्त बैठक बुलाकर अपने-अपने क्षेत्रों में उनके हालात की समीक्षा करें, जो अनुच्छेद 370 हटाए जाने के कारण सामने आए हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर इसके हटाए जाने का पड़ोसी राज्यों की कानून-व्यवस्था या आंतरिक स्थिति पर कोई विपरीत असर हुआ है तो उससे उभरने के उपाय खोजे जाएं। अगर प्रभाव सकारात्मक रहे हैं तो उन्हें आगे भी बनाए रखने के प्रयास किए जाएं।
पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल पंजाब में जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर कोई नकारात्मक असर दिखाई नहीं दिया। फिर भी राज्य पुलिस ने जम्मू-कश्मीर सीमा से सटे इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। ऐसा ही हिमाचल प्रदेश ने किया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में उक्त सभी राज्यों के डीजीपी भी हिस्सा लेंगे और परस्पर सूचनाओं को साझा करने के साथ-साथ संयुक्त कार्रवाई के लिए एक ज्वाइंट विंग का गठन भी किया जा सकता है।
पंजाब में लगा दी थी प्रदर्शन पर रोक :
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सबसे पहले पड़ोसी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों में पढ़ रहे कश्मीरी विद्यार्थियों की सुरक्षा का सवाल उठा था। इस पर पंजाब सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए इन विद्यार्थियों की सुरक्षा को पुख्ता किया। यही नहीं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ईद के मौके पर राज्य में पढ़ रहे कश्मीरी विद्यार्थियों को अपने आवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया था। इसके साथ ही राज्य सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की प्रशंसा या विरोध में किसी भी तरह के प्रदर्शन, आयोजन पर भी रोक लगा दी थी।