चंडीगढ। सेक्टर-26 के आढ़ती शुक्रवार को एसडीएम नाजुक कुमार से मिले। इस दौरान उन्होंने पत्र देकर कहा कि पार्किंग का नया टेंडर रद्द करके पहले की तरह कर दें या आढ़तियों को सेक्टर-39 मंडी में शिफ्ट कर दें क्योंकि इससे आढ़तियों को काफी नुकसान हो रहा है।
अरिहंत वेजिटेबल आढ़ती एसोसिएशन के साथ 68 आढ़तियों ने हस्ताक्षर कर एसडीएम को पत्र दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष कस्तूरी लाल शर्मा ने कहा कि सुबह 4 बजे के बाद मंडी में कोई गाड़ी प्रवेश नहीं कर सकती है। अगले दिन तक गाड़ी पार्किंग में लगानी होती है। तब तक माल भी खराब हो जाता है और दाम भी आधे रह जाते हैं। वहीं पार्किंग का शुल्क अलग से देना होता है। अब पार्किंग के शुल्क में दोगुने हो गए हैं जिससे खर्चा बढ़ेगा।
उपाध्यक्ष गौरव ने एसडीएम से कहा कि 60 साल पहले मंडी ढाई लाख की आबादी के हिसाब से बनाई गई थी। अब जनसंख्या बढ़ने के साथ ही माल की आवक भी बढ़ी है। अभी मंडी में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के साथ ही जम्मू-कश्मीर, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तर प्रदेश से माल आता है। इतनी जगहों से जब ट्रक आएंगे तो उनका प्रयास रहता है कि माल उतारकर अगले पड़ाव की ओर बढ़ें, लेकिन मंडी में जगह के अभाव में उन्हें यहां रुकना पड़ता है। आढ़तियों ने कहा कि अब समय आ गया है कि मंडी को जल्द से जल्द सेक्टर-39 में शिफ्ट करना चाहिए ताकि इन समस्याओं का निस्तारण हो सके। चंडीगढ़ की मंडी काफी बड़ी है। इसे ध्यान में रखकर इसका विस्तार करने की जरूरत है। एसडीएम ने इस संबंध में डीएम मंदीप सिंह बराड़ से बात करके समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।