चंडीगढ़। सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्थिति ठीक उलट है। हालात यह है कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सिरिंज से लेकर अन्य सामग्री तक बाहर से खरीदकर लाना पड़ रहा है। यह हाल जीएमएसएच-16 का, जहां स्वास्थ्य निदेशक का कार्यालय स्थित है। अस्पताल में सिरिंज, ब्लड टेस्ट के सामान और यूरिन कंटेनर की आपूर्ति समय पर नहीं हो रही है। ओपीडी सहित वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी इससे काफी परेशान है, क्याेंकि एक तरफ तो उनको मरीज से कोई भी सामान बाहर से न मंगवाने का आदेश दिया जा रहा है, दूसरी तरफ सामग्री की आपूर्ति नहीं हो रही। इस मामले पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि किसी भी सामान के खत्म होने से पहले की जैम पोर्टल पर उसके खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, लेकिन संबंधित कंपनी से समय पर आपूर्ति न होने से समस्या होती है। उस समस्या से बचाव के लिए लोकल पर्चेज किया जा रहा है, लेकिन उसमें भी 25 हजार रुपये से ज्यादा की सामग्री नहीं खरीदी जा सकती है।
कोट-
अस्पताल में न तो दवा की कमी है न ही किसी अन्य चिकित्सकीय सामग्री की। जहां तक वार्ड में सामान की कमी की बात है तो बर्बादी जैसी स्थिति से बचाव के लिए मांग के अनुरूप ही आपूर्ति की जा रही है।
-डॉ. वीएस नागपाल, प्रभारी निदेशक स्वास्थ्य