पीजीआई में खाली पोस्टों पर सांसदों की स्वास्थ्य व परिवार कल्याण संबंधी समिति ने कड़ा संज्ञान लिया है। 20 दिसंबर को राज्यसभा में पेश एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पीजीआई में मेडिकल-पैरामेडिकल, नर्सिंग व टेक्निकल स्टाफ की करीब 20 फीसदी पोस्टें खाली हैं, जिन्हें भरना बहुत जरूरी है।
संस्थान में कुल 8771 पोस्टें हैं, जिनमें से 1616 खाली हैं। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की है कि पैरामेडिकल व टेक्निकल स्टाफ की भर्ती के लिए यदि एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कम करना पड़े तो ये भी कदम उठाया जाएं। आटोमेशन के दौर में एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ में कटौती की संभावना है। यह भी सिफारिश की है कि पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ और टेक्निकल स्टाफ की भर्ती के लिए समयबद्ध प्रक्रिया चलानी चाहिए।
रिपोर्ट में पीजीआई के जवाब का भी उल्लेख किया गया है। पीजीआई ने बताया कि पिछले दो साल से पोस्टों को भरने का काम जारी है। डाक्टरों और जूनियर डाक्टरों की भर्ती के लिए दो साल में कई बार प्रक्रिया शुरू की गई। इनमें सौ प्रतिशत भर्ती की गई। हालांकि पीजीआई में कुछ नए सेंटर आने हैं। उनमें कर्मचारियों की जरूर पड़ सकती है। पोस्ट में कटौती के कमेंट पर पीजीआई ने जवाब दिया है कि किसी भी पोस्ट में कटौती से इंस्टीट्यूट के संचालन और पेशेंट केयर पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।