चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसफ ) वर्ल्ड कप में डीएवी कॉलेज के पूर्व छात्र अर्जुन बबूता ने भारत को एक और स्वर्ण पदक दिलाया है। इस बार उन्होंने 10 मीटर की एयर राइफल के टीम इवेंट में हिस्सा लेेते हुए स्वर्ण पदक पर निशाना लगाया। इस टीम में उनके साथ शाहू तुषार और पार्थ मखीजा भी शामिल रहे। इससे पहले सोमवार को 10 मीटर एयर राइफल इवेंट के एकल वर्ग में उन्होंने भारत की झोली में पहला स्वर्ण पदक डाला था।
फाइनल में भारतीय निशानेबाजों का मुकाबला मेजबान कोरिया की टीम से हुआ। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि एक समय भारतीय टीम 11-15 से पीछे चल रही थी। इसके बाद खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख मोड़ दिया और कोरिया को 17-15 से शिकस्त दी।
इस वर्ल्ड कप में शूटिंग स्टार खिलाड़ी अंजुम मोदगिल और विजयवीर सिंह सिद्धू भी हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ल्ड कप में कई भारतीय खिलाड़ियों की साख दांव पर लगी है। यहां किए गए बेहतरीन प्रदर्शन के बाद ही उन्हें सितंबर में कोरेशिया में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय टीम में जगह मिलेगी।
एकल वर्ग में स्वर्ण पर लगाया था निशाना
आईएसएसफ वर्ल्ड कप में सोमवार को 10 मीटर एयर राइफल इवेंट के एकल वर्ग में अर्जुन बबूता ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने स्वर्ण पदक की रेस में टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट रहे लुक्स कोजेनिस्की को 17-9 से हराकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। अर्जुन इस वर्ल्ड कप में अब तक दो स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं।
पीयू में शूटिंग रेंज में किया है अभ्यास
पंजाब यूनिवर्सिटी की शूटिंग रेंज के वरिष्ठ कोच दलीप सिंह चंदेल ने बताया कि अर्जुन बबूता जूनियर लेवल से उनके सानिध्य में अभ्यास करते आ रहे हैं। वर्ष 2013 से लेकर 2019 कोविड के लॉकडाउन से पहले पंजाब यूनिवर्सिटी की शूटिंग रेंज में भी उन्होंने अभ्यास किया। कोचिंग लेते हुए वह जूनियर लेवल पर वर्ल्ड कप में मेडल विजेता बने थे।