चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने सोमवार को अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम (एआरएचसी) के तहत आवंटित फ्लैट्स का सर्वे पूरा कर लिया है। इसके साथ सीएचबी ने शहर के करीब 17300 स्मॉल फ्लैट्स और एआरएचसी का सर्वे पूरा किया है। सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि अब रिपोर्ट को कंपाइल किया जा रहा है। उसके बाद मकान नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को सीएचबी ने मलोया में जाकर 560 फ्लैट्स का दौरा किया। टीम के सदस्यों ने एक-एक घर में जाकर लोगों से आधार कार्ड लिए और आधार कार्ड दिखाने वाले व्यक्ति के बारे में पूछा। टीम के सदस्यों ने लोगों को बकाया किराए की भी जानकारी दी और जल्द जमा करने का सुझाव दिया।
रविवार को सीएचबी की विभिन्न टीमों ने मौलीजागरां में 1567 और मलोया में 4032 फ्लैट्स का सर्वे किया था। यशपाल गर्ग ने कहा कि सभी जगह सर्वे पूरा हो गया है। अब रिपोर्ट को कंपाइल किया जा रहा है। इसके बाद पता चलेगा कि शहर के किस हिस्से में कितने लोगों ने मकान बेच दिया है व कितने लोगों ने नियमों को तोड़ा है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि शहर में कुल करीब 17300 स्मॉल फ्लैट्स हैं। इन्हें खरीदा और बेचा नहीं जा सकता, जबकि बोर्ड को शिकायत मिली है कि इनमें से कई मकान बिक चुके हैं। बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सीएचबी ने इन फ्लैट्स का सर्वे शुरू किया है। इससे पहले राम दरबार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, सेक्टर-56, 38 वेस्ट व 49 में सर्वे किया गया था।