आईटीबीपी के महानिरीक्षक ने खो -खो प्रतियोगिता का किया उद्घाटन
ताऊ देवी लाल स्टेडियम में खो-खो प्रतियोगिता का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र भारत तिब्बत सीमा पुलिस के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दूहन उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि खो-खो खेलने से हमारे शरीर का पूर्ण रूप से विकास होता है। हमारे पैरों की मांसपेशियां बहुत ही मजबूत हो जाती हैं। प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र आईटीबीपी भानू में भी खो-खो प्रतियोगिता के लिए टीम लगातार अभ्यास कर रही है ताकि भविष्य में टीम इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग ले सके।
खो-खो: 13 राज्यों की 16 टीमें कर रहीं शिरकत
पंचकूला के सेक्टर-3 के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गुरुवार को परंपरागत खेल खो-खो की शुरूआत हुई। इसमें 13 राज्यों की 16 टीमों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हरियाणा से लड़के और लड़कियों की दो टीमें भाग ले रही हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में खो-खो की प्रतियोगिताएं 9 से 13 जून के बीच संचालित की जाएंगी।
खो-खो को खेलो इंडिया यूथ गेम्स में चौथी बार शामिल किया गया है। खो-खो के प्रतियोगिता मैनेजर सुमित भाटिया ने बताया कि इस खेल का उदय महाभारत काल के दौरान ही हो गया था। ऐसा माना जाता है कि खो-खो की उत्पत्ति अभिमन्यु चक्र से प्रेरित होकर हुई थी। भाटिया के अनुसार खो-खो को पहले बिना पोल के खेला जाता था, परंतु इसके नियमों में लगातार सुधार किया गया और अब इसमें पोल को जोड़ा गया।
पंजाब-मिजोरम का मैच ड्रा, वेस्ट बंगाल को हराकर मेघालय जीता
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गुरुवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के खेल मैदान पर फुटबॉल टूर्नामेंट के रोमांचक मुकाबले खेले गए। दिन के पहले मैच में मेघालय ने वेस्ट बंगाल को 4-1 से हराया। दूसरे मैच में मिजोरम और पंजाब के बीच मैच ड्रा रहा। पहले हॉफ में मेघालय की टीम 1-0 से आगे रही। दूसरे हॉफ के बाद मेघालय ने तीन और गोल दागकर मैच जीत लिया।
वहीं वेस्ट बंगाल की टीम से एकमात्र गोल समीर ने किया। मेघालय के कैनी नोल ने एक गोल, गैलनी ने दो गोल और फैशुगी ने एक गोल दागा।
दिन का दूसरा मैच मिजोरम और पंजाब के बीच खेला गया। पहले हॉफ तक दोनों टीमों में से किसी ने कोई गोल नहीं दागा। दूसरे हॉफ में भी टीमें गोल करने में विफल रहीं। एक्स्ट्रा टाइम में भी यही स्थिति रही। इसके बाद मैच ड्रा घोषित कर दिया गया।