चंडीगढ़। शहर में शुक्रवार को दिवाली के बाद से सबसे खराब प्रदूषण रिकॉर्ड किया गया है। शहर का एक्यूआई 329 तक पहुंच गया है, जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है। यह स्थिति शहरवासियों, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए स्वास्थ्य खतरे का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण के इस स्तर के पीछे दिवाली पर छोड़े गए पटाखों का धुआं, पराली जलाने से उत्पन्न स्मॉग और सर्दियों की शुरुआत में मौसम की स्थिति जैसे कारण जिम्मेदार हैं। शहर में बढ़ता निर्माण कार्य, वाहन प्रदूषण और उद्योगों से निकलने वाले धुएं ने भी इस समस्या को और बढ़ाया है। शहर में सेक्टर-22, 25 और 53 में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगे हुए हैं। शुक्रवार को शाम 4 बजे सेक्टर-22 में एक्यूआई 313, सेक्टर-25 में 290 तो सेक्टर-53 में 329 दर्ज किया गया। रात 8 बजे सेक्टर-22 में एक्यूआई 311, सेक्टर-25 में 287 और सेक्टर-53 में 327 दर्ज किया गया। सेक्टर-22 और 53 में पूरे दिन एक्यूआई 300 के पार ही रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण का यह स्तर लंबे समय तक रहने पर स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। जहरीली हवा में मौजूद छोटे-छोटे प्रदूषण के कण सांस के माध्यम से फेफड़ों में पहुंच जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी, खांसी, आंख और गले में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।