पंजाब में जल्दी ही पांच हजार नए अध्यापकों को नियुक्ति पत्र मिलने वाले हैं। इस बारे में शिक्षा विभाग ने अध्यापकों की काउंसिलिंग पूरी कर ली है, बस मामले में अदालत की रोक हटने का इंतजार किया जा रहा है।
यह जानकारी शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने रविवार को रामपुरा फूल में एक पत्रकारवार्ता में दी। शिक्षा मंत्री मलूका ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है, लेकिन मामला अदालत में होने के कारण देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ ऐसा ही हाल राज्य के कॉलेजों को लेकर है। इन कॉलेजों में अध्यापन स्टाफ के आधे से अधिक पद रिक्त हैं लेकिन यह मामला भी 2003 से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जिस कारण अभी फिलहाल नई नियुक्त नहीं की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि राज्य में असुरक्षित स्कूली इमारतों की जगह नई इमारतें बनाने के आदेश और फंड जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि फिर भी किसी स्कूल प्रबंधन ने असुरक्षित इमारत में बच्चों को बैठाया तो उस स्कूल प्रमुख के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में स्कूली बच्चों को नशों, ट्रैफिक व प्रदूषण संबंधी जागरूक करने के लिए प्रत्येक शनिवार का दिन निर्धारित किया गया है। जिस दौरान इन विषयों के माहिर व डाक्टर स्कूलों में जा कर बच्चों को जागरूक करेंगे।
भारतीय गर्ल्स कॉलेज का उद्घाटन
शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने भारतीय एजुकेशनल सोसायटी द्वारा शुरू किए भारतीय गर्ल्स कॉलेज का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह कॉलेज पंजाबी विवि से संबंधित है। कॉलेज में पांच तरह के कोर्स शुरू किए गए हैं।
कॉलेज की कक्षाएं फिलहाल भारतीय मॉडल स्कूल में चलेगी लेकिन जल्दी ही कॉलेज की नई इमारत बनाई जाएगी। इस मौके पर उन्होंने बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में रामपुरा फूल क्षेत्र के सात छात्रों द्वारा मेरिट पोजीशन हासिल करने पर खुशी भी जाहिर की।
उन्होंने मेरिट में आने वाली भारतीय स्कूल की दो छात्राओं को इस मौके पर सम्मानित भी किया। इस मौके पर प्रवीन कांसल रॉकी, भारतीय स्कूल के अध्यक्ष सतपाल गर्ग, नरेश गोयल सीए, पंजाबी विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार धर्मपाल गर्ग, हैपी बंसल, सुनील बिट्टा, सुरेन्द्र जौड़ा, भूषण बंसल और केवल कांसल मौजूद थे।