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जेबीटी में चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति का रास्ता साफ

Wed, 29 Apr 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में साढे़ नौ हजार से अधिक जेबीटी के चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र मिलने का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर लगी रोक हटा दी है। भर्ती में साल 2102 में एचटेट आयोजित न होने के कारण साल 2013 में एचटेट पास उम्मीदवारों को भर्ती में आवेदन के योग्य ठहराया गया है।
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सरकार ने करीब साढे़ नौ हजार से अधिक जेबीटी शिक्षकों के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन की अंतिम तिथि आठ दिसंबर 2012 थी। उस वर्ष सरकार ने एचटेट आयोजित नहीं करवाया था।

साल 2012 में जेबीटी पास कर चुके, लेकिन टेस्ट के अभाव में आवेदन से वंचित रह गए अनेक उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस भर्ती में आवेदन की छूट मांगी थी। इनमें से कई ने साल 2013 में सरकार की ओर से आयोजित एचटेट पास कर लिया था।
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उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की थी कि उन्हें साल 2012 की भर्ती में आवेदन का मौका दिया जाए, अन्यथा भर्ती रद्द की जाए, क्योंकि साल 2012 में सरकार ने एचटेट आयोजित नहीं करवाया। जबकि हर वर्ष एचटेट कराना जरूरी है।

इस याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था और भर्ती पर रोक लगा दी थी। सरकार ने जवाब में कहा था कि साल 2012 में जेबीटी पास ऐसे उम्मीदवार को भर्ती के योग्य माना जाएगा, जिन्होंने 2013 में एचटेट पास किया था।

सीटेट उम्मीदवारों पर विचार से कोर्ट का इन्कार
सीटेट उम्मीदवारों ने भी भर्ती में आवेदन के लिए योग्य ठहराए जाने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा है कि जब राज्य सरकार अपना एचटेट करवा रही है तो केंद्र के इस टेस्ट के पास उम्मीदवारों पर भर्ती के लिए विचार नहीं हो सकता। मामले का निपटारा बुधवार को हो गया है।

मामले में तीसरा वर्ग वह था, जिन्होंने साल 2013 में ही जेबीटी पास की और साल 2013 में ही एचटेट पास किया था। यह वर्ग 2012 की भर्ती के योग्य नहीं होगा, क्योंकि उनके जेबीटी पास करने से पहले ही विज्ञापन जारी हो चुका था। साल 2012 के जेबीटी पास, लेकिन एचटेट आयोजित नहीं होने के कारण भर्ती में योग्यता हासिल करने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे उम्मीदवारों को आरजी तौर पर लिखित परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी गई थी।

लिखित परीक्षा भी हो चुकी थी। इस बीच हाईकोर्ट ने परिणाम घोषित नहीं करने को कहा था, लेकिन बाद में यह रोक हटा दी थी। कहा था कि याचिका के निपटारे तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाएं।
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