मनीमाजरा। समाज सेवी संस्था समस्या समाधान टीम चंडीगढ़ ने एक पत्र लिखकर चंडीगढ़ के प्रशासक और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सभी थानों में पब्लिक विंडो खोलने की मांग की है। संस्था ने चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय की पब्लिक विंडों की तरह चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के हर एक थाने में पब्लिक विंडो खोलने की गुहार लगाई है। इसके अलावा इन पब्लिक विंडो पर जो भी शिकायत पुलिस के खिलाफ आती है, उसको एसएसपी ऑफिस में तैनात कर्मचारी ही सप्ताह में एक दिन थाने में आकर शिकायतकर्ता की शिकायत सुनकर उसका निवारण करें।
वहीं, टीम के संयोजक मनोज शुक्ला ने कहा कि आम शिकायतों में भी देखने में आता है कि जब भी कोई नागरिक लोकल थाने या चौकी में कोई शिकायत देने या अन्य मदद के लिए जाता है तो थाने में तैनात पुलिस कर्मचारी लिखित शिकायत लेने से मना करते हैं और अगर ले लेते हैं तो इसकी पावती नहीं देते। इससे लोगों को दिक्कत आती है। संस्था के सदस्य महेंद्र नाथ दुबे, शक्ति श्रीवास्तव और मुकेश मिश्रा ने कहा कि कुछ लोगों की शिकायत पर कार्रवाई ही नहीं होती और अगर होती है तो काफी धीमी रफ्तार से होती है। क्योंकि शिकायत की पावती नहीं होने से उसकी मान्यता ही नहीं होती।
दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि जब पुलिस जांच अधिकारी सही जांच नहीं करता तो शिकायतकर्ता ऊपरी स्तर के अधिकारी के पास जाता है और उच्च अधिकारी के पूछने पर जांच अधिकारी कई बार शिकायत न मिलने और देरी से मिलने का कारण बताता है। इससे जांच प्रभावित होती है और न्याय भी देरी से मिलता है। जिससे लोग निराश होते हैं। क्रांति शुक्ला और दिनेश दिलेर ने बताया कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में किसी भी थाने में कोई भी पुलिस कर्मी किसी भी नागरिक से थाने में लिखित शिकायत नहीं लेता और लेता है तो पावती नहीं देता। शिशुपाल ने कहा कि पूरे चंडीगढ़ में अगर किसी को लिखित शिकायत करनी होती है तो उसे पुलिस मुख्यालय की पब्लिक विंडो पर जमा करवाता है। इसलिए संस्था चाहती है कि पुलिस 24 घंटे नागरिकों की सेवा में सुधार कर पब्लिक विंडो जैसी सुविधा हर समय, हर थाने में चौबीस घंटे उपलब्ध करवानी चाहिए।