चंडीगढ़। छह साल के नाबालिग से कुकर्म करने के मामले में जिला अदालत ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश को बरकरार रखते हुए 14 वर्षीय दोषी नाबालिग की अपील को खारिज कर दिया है। साथ ही उसे तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया है। मामला 17 सितंबर 2018 का है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़ित के पिता ने पुलिस को बयान में बताया था कि उसका बेटा स्कूल के लिए निकलने वाला था, जब उसने यौन उत्पीड़न की घटना सुनाई। बच्चे ने उसे बताया कि 16 सितंबर को शाम करीब साढ़े छह बजे वह अपने घर के बाहर खेल रहा था। उस दौरान एक लड़का उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उससे गलत हरकतें कीं। पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके सरकारी अस्पताल से बच्चे की मेडिकल जांच कराई। इसके बाद नाबालिग को गिरफ्तार कर उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया। जुलाई 2019 में तर्कों को सुनने के बाद इरम हसन की जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड अदालत ने नाबालिग को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इसके बाद आरोपी ने अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की। इस अपील को मंगलवार को खारिज करते हुए पुराने आदेश को बरकरार रखा।