हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद की पूर्व पत्नी अनुराधा बाली उर्फ फिजा की करोड़ों की संपत्ति के लिए अभी उनकी बहनों को इंतजार करना पड़ेगा। पुलिस के मुताबिक, कोर्ट के आदेश के अनुसार तीनों बहनों को एक साथ प्रॉपर्टी दी जानी है, जब कि फिजा की एक बहन बाहर है।
ऐसी स्थिति में गैरहाजिर बहन की पावर ऑफ अटार्नी अन्य बहनों को लानी होगी। तभी संपत्ति बांटने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जानकारी के मुताबिक, फिजा की मौत छह अगस्त 2012 को सेक्टर-48सी घर में संदिग्ध हालत में हो गई थी। उनका शव घर के ग्राउंड फ्लोर पर बने बेडरूम में मिला था।
जिसके बाद पुलिस ने करोड़ों की संपत्ति, घर, गाड़ियों व अन्य सामान को अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद उनकी तीन बहनों ने फिजा की संपत्ति पर मालकिना हक जताया था। साथ ही संपत्ति के लिए जिला अदालत में केस दायर किया था। अदालत ने नवंबर -2014 में बहनों के पक्ष में फैसला सुनाया। लेकिन, जब दो बहने अदालती आदेश लेकर पुलिस के पास पहुंची। जबकि, तीसरी बहन विदेश में है।
पुलिस अधिकारियों ने दस्तावेज देखकर उन्हें कहा कि इनमें कुछ कमियां हैं। पुलिस मुताबिक अदालत ने तीनों बहनों को फिजा की संपत्ति के बराबर का हिस्सेदार घोषित किया था। ऐसे में जब संपत्ति बांटी जाएगी तो तीनों बहनों को हाजिर होना पड़ेगा। यदि कोई बहन किसी कारणवश नहीं आ पाती है तो बहनों को उनकी पावर ऑफ अटार्नी लेकर आना पड़ेगा। उसके बाद ही संपत्ति तीनों में बांटी जाएगी।
यह संपत्ति मिली थी फिजा के घर से
फिजा के घर के पास से पुलिस को 92 लाख कैश और डेढ़ किलोग्राम सोना मिला था। जबकि तीन बैंकों के लॉकरों से नगदी और ज्वेलरी मिली थी। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के लॉकर से 49 लाख 99 कैश। सेक्टर-17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के लॉकर 54 लाख 99 हजार कैश और सेक्टर-47 स्थित पंजाब एंड सिंध के लॉकर से सोने और हीरे के जेवरात बरामद हुए थे।
मोनिका ने लड़ा था केस
फिजा की बहन मोनिका निवासी जीरकपुर, अंजली मारीशिस और अद्विती बिहार में रहती हैं। केस की पैरवी मोनिका कर रही हैं। क्योंकि वह लोकल रहती हैं। केस मोनिका शर्मा बनाम जनरल पब्लिक के नाम से चल रहा था।