चंडीगढ़। आर्मी यूनिट में सामान की आपूर्ति के दौरान ठेकेदार को गलत तरीक से फायाद पहुंचाने और इसके एवज में रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी ठेकेदार जतिंदर सिंह बेदी को अग्रिम जमानत दे दी। आरोपी की चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित आनंद कांप्लेक्स में मेसर्स एमके एजेंसीज नाम से कंपनी है। राजस्थान के बिकानेर कैंट की आर्मी यूनिट में चल रहे रिश्वत के इस खेल में सीबीअई ने बीते माह निजी ठेकेदार जतिंदर सिंह बेदी के अलावा पांच और लोगों को आरोपी बनाते हुए केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ठेकेदार की ओर से विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। याचिका में आरोपी ठेकेदार के वकील की ओर से कहा गया कि उनके मवक्किल को केस में झूंठा फंसाया गया है। उनका मुवक्किल सीबीआई जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर जांच में शमिल हो चुके हैं। ऐसे में हिरासत में भेजने की आवश्यकता नहीं बनती है। वहीं, सीबीआई के सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत की अर्जी मंजूर कर ली। बता दें कि एफआईआर में शामिल आरोपियों में से दो सेना के अधिकारी हैं। आरोपों के तहत आरोपी आर्मी यूनिट में सामान की आपूर्ति करने वाले निजी ठेकेदार को गलत तरीके से फायदे पहुंचा रहे थे। आरोपों के मुताबिक बिलों का भुगतान बिना किसी आपत्ति के कर दिया जाता था, जिसके एवज में रिश्वत ली जा रही थी।