तय हो चुके 55 प्रत्याशियों की सूची कभी भी हो सकती है जारी
संघ और राव इंद्रजीत के दबाव में कई प्रत्याशियों के नामों पर फिर मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक के बाद 55 प्रत्याशियों की सूची कभी भी जारी हो सकती है। वीरवार को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक के बाद इन नामों पर मुहर लग गई थी, लेकिन पार्टी कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर दोबारा विचार कर रही है। वहीं, 35 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कांग्रेस की सूची आने के बाद की जाएगी।
सीईसी की वीरवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 55 सीटों पर सहमति बनने के बावजूद उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की गई। आमतौर सीईसी की बैठक के बाद पार्टी अगले ही दिन सूची जारी कर देती है, मगर इस बार ऐसा देखने को नहीं मिला। प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि दो दिन बाद सीईसी की बैठक है। उसमें सहमति के बाद उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जाएगी। उधर, शुक्रवार को भी दिल्ली में बैठकों का दौर चलता रहा। धर्मेंद्र प्रधान के घर पर सीएम नायब सिंह सैनी, मनोहर लाल व अन्य प्रभारी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेव संघ के दबाव, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की ओर से समर्थकों के लिए टिकट मांगने और टिकट कटने वालों की नाराजगी को देखते हुए कुछ सीटों पर फिर मंथन हो रहा है।
संघ का सुझावः सीईसी की बैठक में जिन 55 सीटों पर प्रत्याशी फाइनल कर दिए गए थे उनमें अधिकतर वे सीटें हैं जिन पर पार्टी पुराने विधायकों को ही उतारना चाहती है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन सीटों पर नए चेहरे उतारने पर जोर देता रहा है। संघ का तर्क है कि इन विधायकों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है, ऐसे में पार्टी को नए उम्मीदवारों पर दांव लगाना चाहिए। पार्टी दोबारा मंथन करने के साथ संघ के साथ सामंजस्य बैठाने में जुटी है।
राव की मांगः केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत दक्षिण हरियाणा में छह से सात सीटों पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों के लिए टिकट मांग रहे हैं। पार्टी के सामने दिक्कत यह है कि वह न तो राव को नाराज करना चाहती है और न ही उनकी सभी मांगें मानने को तैयार है। पार्टी बीच का रास्ता निकालने में जुटी है। राव बादशाहपुर, पटौदी, रेवाड़ी, बावल, अटेली, महेंद्रगढ़, कोसली और नांगल चौधरी की सीटें मांग रहे हैं।
नाराजगी का डर: पार्टी को मालूम है कि जिन मंत्रियों व विधायकों के टिकट कटेंगे वे बागी होकर सदस्य दूसरे राजनीतिक दल में शामिल होकर खेल न बिगाड़ सकते हैं। ऐसे में पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहती है।
पार्लियामेंट्री बोर्ड तय करेगा सीटः सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में कहा कि उनकी सीट को लेकर जो फैसला पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा, वह मान्य होगा।
पूर्व सांसद को भी टिकट देने का विरोध
जैसे ही खबर आई कि भाजपा गोहाना से पूर्व सांसद अरविंद शर्मा को टिकट देना चाहती है, इसका विरोध शुरू हो गया। गोहाना में उनका पुतला फूंका गया। वहीं, गोहाना सीट से भाजपा नेता व पहलवान योगेश्वर दत्त भी चुनाव लड़ना चाहते हैं। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वह दिल्ली पहुंच गए और भाजपा नेताओं से मुलाकात की।