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ऐतिहासिक पलः निशानेबाजी में अंजुम ने जीता सिल्वर मेडल, अब ओलंपिक का मिला टिकट

Tue, 04 Sep 2018 09:36 AM IST
संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अंजुम मोदगिल
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चंडीगढ़ की बेटी व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अंजुम मोदगिल ने सोमवार को देश के लिए टोक्यो ओलंपिक 2020 का कोटा (टिकट) हासिल कर लिया। अंजुम ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के चांगवॉन में चल रही आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। अंजुम की इस उपलब्धि से देशभर केशूटर और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। 
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चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-37 निवासी अंजुम के परिवार में भी जश्न का माहौल है। परिजन इस बात से बेहद खुश हैं कि उनकी बेटी ने देश को ओलंपिक का कोटा दिलाकर चंडीगढ़ का नाम रोशन कर दिया है। भारतीय शूटिंग टीम के कोच दिलीप सिंह चंदेल ने बताया कि आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में अंजुम कुछ अंकों से गोल्ड मेडल से चूक गईं। 24 वर्षीय अंजुम 248.4 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहीं। बता दें कि हाल ही में अंजुम ने डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से एमए की डिग्री प्राप्त की है और उन्हें पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर मोहाली में तैनाती मिली है।

अंजुम के पिता सुदर्शन मोदगिल और मां शुभ मोदगिल ने कहा कि बेटी ने आज हमारा और चंडीगढ़ का नाम देशभर में रोशन कर दिया। हमें अपनी बेटी पर गर्व महसूस हो रहा है। यह अंजुम की मेहनत का ही नतीजा है कि उसने देश के लिए ओलंपिक का टिकट कटा दिया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन कम सीजेएम रह चुके अंजुम के दादा रामेश्वर नाथ मोदगिल ने बताया कि पदक जीतने के बाद अंजुम ने फोन कर सबसे पहले उन्हें यह खुशखबरी दी। पूरा परिवार अंजुम की इस उपलब्धि से खुश है। आज का दिन हमारे लिए बेहद खास है।
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रक्षा मंत्री से प्रशंसा पत्र ले चुकी हैं अंजुम
अंजुम एनसीसी की कैडेट रही हैं। कॉलेज समय में वह देश केरक्षा मंत्री से प्रशंसा पत्र हासिल कर चुकी हैं। यह सम्मान देशभर में एनसीसी की ओर से विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है। अंजुम को अब तक शानदार प्रदर्शन की बदौलत सम्मान केलिए चुना गया था। अंजुम उस समय सुर्खियों में आई, जब ओलंपियन अंजलि भागवत को नेशनल में हराकर गोल्ड मेडल पर निशाना साधा था। दो साल पहले अंजुम कुवैत में एशियन चैंपियनशिप में ब्राउंज मेडल जीतने में कामयाब रही थी। इससे अलावा दिल्ली में नेशनल चैंपियनशिप के विभिन्न इवेंट में शानदार प्रदर्शन कर 6 मेडल बटोरे।

मां से मिली प्ररेणा
अंजुम की मां शुभ मोदगिल एनसीसी कैडेट और शूटर रही हैं। जब भी समय मिलता था, वह अपनी बेटी को शूटिंग रेंज साथ लेकर जाती थीं। वहीं से अंजुम की इस खेल में रुचि बढ़ी। इसके बाद धीरे-धीरे मां से प्रेरणा लेते हुए शूटिंग कंपीटीशन में हिस्सा लेना शुरू कर दिया।
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