दो साल से लंबित फाइलें धूल फांक रहीं थी, जब ये नज़ारा मंत्री जी ने देखा तो गुस्सा सातवें आसमान पर आ गया और मौके पर ही 7 कर्मचारियों की छुट्टी कर डाली। दिन बुधवार। समय : शाम 4:55 बजे। स्थान सेक्टर-17 स्थित हरियाणा का मिनी सचिवालय। पायलट वाहन के साथ लाल बत्ती गाड़ी आकर रुकती है और उससे उतर कर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सीधे पांचवें तल पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की शाखा एक से चार में प्रवेश करते हैं।
विज को देखकर कर्मचारियों में हड़कंप मच जाता है। सब एक-दूसरे की बगलें झांकने लगते हैं और चेहरे ही हवाइयां उड़ जाती हैं। अपने विभाग की शिकायतें मिलने से गुस्साए विज एक-एक कर फाइलें खंगालना शुरू कर देते हैं। घोर लापरवाही पाए जाने पर इसके साथ ही निलंबन का सिलसिला भी शुरू हो जाता है।
छठे तल पर मौजूद चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह भी जानकारी मिलते ही मंत्री के पास पहुंचते हैं। आईएएस अशोक खेमका भी इस दौरान सचिवालय में ही मौजूद थे, पांच बजने के बाद वे विज से इजाजत लेकर ही ड्यूटी खत्म कर निकले।
चल ही गया विज का चाबुक
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह कर्मचारियों पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का चाबुक आखिर चल ही गया। मिनी सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की शाखा एक से तीन और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान की शाखा-चार में विज को भ्रष्टाचार और फाइलें दबाकर रखने की शिकायतें मिल रही थीं। बुधवार शाम विज ने एक्शन मोड में आते हुए चारों शाखाओं में औचक छापामारी कर दी।
जांच-पड़ताल के बाद ड्यूटी से बिना बताए गैर हाजिर चार कर्मियों, शाखा-एक के अधीक्षक भरत भूषण और फाइलें दबाकर बैठे छह सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। फाइलें डील करने वाले सहायक रहम की गुहार लगाते रहे और विज निलंबित करते गए। विज ने कर्मचारियों को दोटूक कहा कि उनके पास माफी का कॉलम नहीं है।
लोग इलाज न करा पाने के कारण मर रहे हैं और यहां आप उनके मेडिकल बिलों की फाइलें दो-दो साल से दबाकर बैठे हुए हैं। लोगों की शिकायतें आ रही हैं कि जेब गर्म न करें तो फाइल हिलती ही नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा।
सुधर जाओ, वरना पछताओगे
अनिल विज ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि कार्यप्रणाली का बहुत बुरा हाल है। जल्दी सुधर जाओ नहीं तो पछताओगे। विज ने छापामारी के बाद बताया कि चार कर्मचारी बिना बताए ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर निलंबित किए गए हैं, बाकी हाथ-पैर जोड़ने और मुर्गी के अंडा देने पर ही फाइलें निकाल रहे थे। उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है।
विभाग के संयुक्त सचिव को एक सप्ताह में सभी लंबित फाइलों की सूची बनाकर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। पहले भी निर्देश दिए थे कि फाइलें एक सप्ताह से अधिक न रोकें, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अगर शाखाओं की फाइलें स्वास्थ्य महानिदेशक के कार्यालय में लंबित पाई गईं तो वहां भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ये मिलीं अनियमितताएं
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
- फोटो : फाइल फोटो
कर्मचारियों की आकस्मिक अवकाश का रिकार्ड अपडेट नहीं
आकस्मिक अवकाश पूरे होने के बाद फरलो से चला रहे काम, अर्जित अवकाश नहीं लिया
एसीपी की फाइलें तीन माह से लटकी हुईं
डॉक्टर की फर्जी डिग्री के मामले में एक साल से कोई कार्रवाई नहीं
मेडिकल बिल 2015 से अटकेहुए, आपत्तियां दूर करने के लिए पत्र नहीं लिखा
आरटीआई का जवाब 21 दिन बाद भी नहीं भेजा
प्रमोशन के मामले लटके हुए