हरियाणा के विधायकों को धमकियों के मामले में नया खुलासा हुआ है। गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि मोबाइल कंपनियों का रिकॉर्ड खंगालने पर अफगानी नागरिक के सिम का राज खुला। यह नागरिक हरियाणा से सिम लेकर गया था। उसके आईपी को लगातार निगरानी पर रखने के बाद सामने आया कि कॉल पाकिस्तान के फैसलाबाद से आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि मामले को बड़ी गंभीरता से लिया गया, क्योंकि धमकी भरे कॉल दुबई के नंबर से आ रहे थे। एसटीएफ की जांच में ही पंजाब के तीन और दिल्ली के आम आदमी पार्टी के दो विधायकों को भी इस प्रकार की धमकी भरी कॉल आने की बात सामने आई। अब तक की जांच में किस-किस एटीएम से पैसे निकाले गए हैं, इसका पता चल चुका है। कितने सफेदपोशों और अन्य लोगों ने धमकी मिलने पर रंगदारी दी और पूरे मामले को दबाया, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी बाकी है। अपराधियों से मिले सिम कार्ड का डाटा खंगाला जा रहा है, उससे भी अनेक सफेदपोशों के साथ हुई बातचीत में बड़ा खुलासा हो सकता है।
पुलिस जवानों ने अपराधियों को पकड़कर अच्छा काम किया है। इस मामले के अंतिम से अंतिम छोर तक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आने वाले समय में बड़े राज खुल सकते हैं। एक-एक आदमी की छानबीन जारी है। विज ने कहा कि सारे देश में साइबर ठगी के धंधे को बंद करवा देंगे। ठगी करने वाले पहले खाता खोल कर 50 आदमियों को धमकी देते थे। उनमें से जो भी आदमी झांसे में आकर खाते में पैसे जमा करा देता था, अपनी बारी के हिसाब से गिरोह पैसों को निकाल लिया करते थे। राजनीति को भूलकर गिरोहों का पर्दाफाश करने वाले पुलिस कर्मियों को शाबाशी देनी चाहिए। विज ने यह प्रस्ताव सदन में रखा, जिस पर भाजपा विधायकों ने मेज थपथपाकर पुलिस कर्मियों की हौसलाफजाई की।