श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल और चंदनवाड़ी के अलावा अन्य रास्तों पर लंगर लगाने वाली संस्थाएं इस बार श्राइन बोर्ड से नाराज हैं। श्राइन बोर्ड ने इस बार लंगर संस्थाओं पर तमाम शर्तें थोपी हैं।
शर्तों को पूरा नहीं करने पर पांच हजार से बीस हजार रुपये तक जुर्माना होगा या फिर तीन साल के लिए लंगर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन सब शर्तों के विरोध में श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) ने बैठक कर फैसला लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी कोई भी लंगर अमरनाथ यात्रा के दौरान नहीं लगेगा।
आर्गेनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर व महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि श्राइन बोर्ड ने कई नई शर्तें लागू की हैं, जो लंगरों को प्रभावित करती हैं। इन शर्तों में यात्रा को कामयाब न होने की बोर्ड की नीति साफ नजर आ रही है।
बोर्ड ने लंगर वालों को राशन और टेंट का अन्य सामान रखने के लिए दस बाय पंद्रह की जगह बेस कैंप बनाने को दी है। जो बेहद कम है। इतनी कम जगह में सेवादार कहां रहेंगे और सामान कहां रखा जाएगा। दो माह तक लंगर लगता है उसके मुताबिक राशन लेकर जाना है। वे राशन इतनी कम जगह पर नहीं रख पाएंगे।