प्रवीण कथूरिया
अबोहर। शहर में श्रीगंगानगर रोड, ठाकर आबादी और सीतो रोड स्थित रेलवे फाटक दिन में 20 से 25 बार बंद हो जाते हैं जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज, व्यापारी और आम नागरिक भारी परेशानियों का सामना करते हैं। इस समस्या का समाधान अब मोबाइल एप के जरिये संभव हो गया है।
मुक्तसर साहिब के दो युवकों, करन लूना और लविश चुघ ने एक ऐसा एप विकसित किया है जिससे लोग अपने मोबाइल फोन पर सीधे देख सकेंगे कि रेलवे फाटक खुला है या बंद। पहले यह एप सिर्फ मुक्तसर साहिब के फाटकों के लिए था लेकिन अब इसमें अबोहर के प्रमुख फाटक शामिल कर लिए गए हैं। इससे समय की बचत होगी और जाम से राहत मिलेगी।
इस एप के पीछे एक दर्दनाक वजह भी है। करन लूना ने बताया कि कुछ समय पहले फाटक बंद होने के कारण वे अपने पिता को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सके थे जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने उन्हें प्रेरित किया और उन्होंने भविष्य में दूसरों को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए यह एप विकसित किया।
दो हजार से अधिक लोगों ने किया डाउनलोड
अबोहर में इस ऐप का प्रचार-प्रसार समाजसेवी गगन चुघ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एप को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है और केवल दो दिनों में ही दो हजार से अधिक लोग इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एप आपातकालीन परिस्थितियों, मरीजों, एंबुलेंस और स्कूली बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। नागरिकों ने युवकों की इस पहल की सराहना की और इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम बताया है। संवाद