अमृतसर के जौड़ा फाटक के पास रेल ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देखने के दौरान ट्रेन से कट कर 59 लोगों की मौत हुए 48 घंटे बीत गए हैं। लेकिन इसके बावजूद पटरी को अब भी साफ नहीं किया जा सका है। कहीं जूते तो कहीं खून और मांस के लोथड़े बिखरे पड़े है। हालत यह है कि कुत्ते पटरियों पर घूम रहे हैं।
रविवार को पटरियों पर काफी दर्दनाक मंजर नजर आया। पटरियों के आसपास बिखरे मांस के लोथड़े कुत्ते खा रहे थे। वे पटरियों पर सूखे खून को चाट रहे थे। ट्रैक से बदबू आ रही थी और पटरी के आसपास जूते पड़े हुए हैं।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, रेलवे प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, राजकीय रेलवे पुलिस, जिला प्रशासन व निगम कमिश्नर सोनाली गिरी दुर्घटना के बाद मौके पर आए और पटरियों से होकर चले गए। लेकिन पटरियों को किसी ने साफ करने या करवाने की जहमत नहीं उठाई।
जौड़ा फाटक ट्रैक पुलिस की कस्टडी में था और हमें रविवार को ही वापस मिला है। आमतौर पर पटरियों को साफ नहीं करवाया जाता, लेकिन मैं आज वहां सफाई के आदेश जारी कर दूंगा।
- विवेक कुमार, डीआरएम, फिरोजपुर डिवीजन