अमृतसर रेल हादसों को लेकर अब प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। जौड़ा फाटक के पास स्थित धोबी घाट की क्षमता दो हजार लोगों की है, लेकिन पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने मदान परिवार को 20 हजार लोगों की मंजूरी दे दी। पुलिस के अलावा किसी अन्य विभाग से मंजूरी नहीं ली गई। रेलवे के अलावा निगम से भी इसकी मंजूरी लेना मुनासिब नहीं समझा गया।
पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने धोबी घाट ग्राउंड पर दशहरा उत्सव के लिए मंजूरी दी थी, लेकिन आयोजकों ने इसकी मंजूरी निगम से नहीं ली। दशहरे का आयोजन मिठू मदान द्वारा किया गया था, जिसकी मां विजय मदान इस इलाके की पार्षद हैं। डीसी केएस संघा ने कहा कि जिस ग्राउंड पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, वह निगम का है। अमृतसर निगम कमिश्नर सोनाली गिरी ने बताया कि निगम से कोई मंजूरी नहीं ली गई थी।