इस बूढ़ी मां की दर्दभरी आपबीती सुनेंगे तो दिल भर आएगा। अमृतसर ट्रेन हादसे ने इस मां को ऐसा जख्म दिया है, कि कोई इसे भर नहीं सकता। दर्द और बेबसी का आलम उसकी आंखों में नजर आता है। ये हैं अमृतसर निवासी स्वर्ण कौर। इनका बेटा दलबीर सिंह रामलीला में रावण का किरदार निभाता था। दशहरे वाले दिन हुए ट्रेन हादसे में उसने तीन लोगों की जान बचाई, लेकिन अपनी जान गंवा बैठा। हादसे को दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस मां की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे।
क्योंकि दलबीर की मौत के बाद उसकी पत्नी नवप्रीत कौर अपने दहेज का पूरा सामान और बेटी मनप्रीत को साथ लेकर मायके चली गई थी। साथ ही पंजाब सरकार द्वारा दी गई राशि के साथ कुछ अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा दी गई राहत की राशि भी ले गई है। आर्थिक मदद के लिए पैसा मिला, लेकिन उस पैसे से घरों में दरारें भी आ गई हैं। हादसे ने न केवल 59 लोगों की जिंदगी लील ली बल्कि रिश्तों के ताने-बाने भी तार-तार कर दिए। अब उनकी सबसे बड़ी चिंता बेटे की अंतिम निशानी दलबीर की बेटी मनप्रीत (8 माह) को अपने पास रखने की है।
फिर मैं रोटी कहां से खाऊंगी
वे कहती हैं कि मुझे कुछ नहीं चाहिए, पंजाब सरकार मेरे बड़े बेटे को नौकरी दे दे। कुछ पल खामोश रहने के बाद स्वर्ण कौर ने कहा कि पता नहीं मोदी सरकार ने दो लाख की राशि अभी तक क्यों नहीं भेजी। जब उन्हें कहा गया कि यह राशि भी बहू को मिलेगी, तो रोते-रोते बोली फिर मैं रोटी कहां से खाऊंगी।