कट्टरपंथियों की निरंकारियों के साथ पुरानी दुश्मनी है, 40 साल पहले पंजाब में आतंकवाद की शुरुआत निरंकारी और चरमपंथियों के बीच टकराव से ही हुई थी। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के सहयोग से बब्बर खालसा के चीफ वधावा सिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रंजीत सिंह नीटा, इंडियन सिख यूथ फेडरेशन के लखबीर सिंह रोडे पंजाब में आतंकवाद को फैलाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
पंजाब में पहले डेरा प्रमुखों को उड़ाने की कोशिश की गई, जिसमें डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम पर हरियाणा में आरडीएक्स से हमला हुआ। डेरा नूरमहल के आशुतोष महाराज को भी आतंकवादियों ने मारने को कई बार पाक से आरडीएक्स मंगवाया लेकिन सफल नहीं हो पाए। पिछले दो सालों में पंजाब में हिंदू नेताओं की हत्या की गई, 17 हिंदू नेताओं को पंजाब में आतंकवादियों ने मारा।
हिंदू संघर्ष सेना के विपिन शर्मा की अमृतसर में गोली मार कर हत्या की गई, इसके बाद आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं, श्री हिंदू तख्त के जिला अध्यक्ष की लुधियाना में हत्या, आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा की जालंधर में हत्या, शिव सेना नेता दुर्गा प्रसाद गुप्ता की खन्ना में हत्या की गई लेकिन आतंकवाद खड़ा नहीं हो पाया।