केस दर्ज करवाने वाले इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह का कहना है कि महिला को गाड़ी पर बांधा या चढ़ाया नहीं गया बल्कि वह खुद गाड़ी के ऊपर चढ़ी थी। इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। वहीं एसएसपी रूरल परमपाल सिंह का कहना है कि इस संबंध में जांच बैठा दी गई है। उन्होंने कहा कि वह खुद इस मामले को बेहद संजीदगी से ले रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
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पंजाब पुलिस का खौफनाक चेहरा, महिला को जीप की छत पर बैठाया, गिरकर हुई घायल
महिला जसविंदर कौर का कहना है कि पुलिस जबरन उसके पति को लेकर जा रही थी। उसने गांव वालों के साथ इसका विरोध किया। इसपर पुलिस वालों ने उसे गाड़ी की छत पर बैठा दिया और बाद में फेंककर चले गए। महिला के पति गुरविंदर सिंह ने कहा कि 25 सितंबर की दोपहर पुलिस जबरदस्ती उनके घर में घुसी और उनके पिता बलवंत सिंह को गिरफ्तार करने के लिए घर की तलाशी लेने लगी। उस समय उसके पिता घर में नहीं थे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। उसकी पत्नी ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने जसविंदर को उठाकर डीएसपी की बोलेरो की छत पर बैठा दिया।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
अमृतसर के मजीठिया में पुलिस द्वारा एक महिला को बोलेरो गाड़ी की छत पर बैठाकर करीब तीन किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाने का मामला बुधवार को पंजाब -हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया। महिला के ससुर बलवंत सिंह की तरफ से याचिका दायर कर घटना की जांच सीनियर आईपीएस अधिकारी की देखरेख में एसआईटी से कराने की मांग की गई है। साथ ही परिवार के जानमाल की सुरक्षा भी सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई है।
याचिका में पंजाब सरकार, राज्य के डीजीपी, अमृतसर के एसएसपी को प्रतिवादी बनाया गया है। कहा गया कि पुलिस जबरन उनके घर में घुस आई और उनकी पुत्रवधू जसविंदर कौर को साथ चलने को कहा। जसविंदर को पुलिस ने गाड़ी की छत पर बैठाया और पूरे गांव में वाहन को घुमाया। बाद में चलती जीप से गिर जाने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं। इस सारे मामले की सीसीटीवी कैमरे में रिकार्डिंग हो गई, जो कोर्ट के सामने पेश की जा सकती है।