अमृतसर बम धमाका
जांच के दौरान टारगेट किलिंग और अमृतसर हमले में काफी समानताएं दिख रही हैं। उन आठों वारदात को हरदीप शेरा और रमनदीप कनाडियन ने अंजाम दिया था। एनआईए की जांच में सामने आया था कि हर वारदात से पहले वह बाइक चोरी करते और काम के बाद उसे कहीं छोड़ दिया जाता। वारदात के बाद जिस गाड़ी में उन्हें जाना होता, उसे तीन-चार किलोमीटर दूर खड़ा किया जाता था, ताकि नाके से बच सकें। इतना ही नहीं, पुलिस को वारदात के आसपास के मोबाइल डंप से कभी कोई मदद नहीं मिली।
क्योंकि दोनों आरोपी वारदात से कुछ समय पहले और बाद में मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करते थे। इतना ही नहीं, पाकिस्तान में अपने आकाओं से बातचीत के लिए भी उन्होंने दो सोशल मीडिया एप का प्रयोग किया था। एनआईए द्वारा दायर चार्जशीट के मुताबिक आईएसआई द्वारा कराई टारगेट किलिंग का मकसद सूबे में सांप्रदायिक गड़बड़ी पैदा करना था।