खालिस्तान समर्थक और अजनाला थाने पर हमले के आरोपी अमृतपाल सिंह को भिंडरांवाले के भतीजे जसबीर ने पनाह दी थी। जसबीर पर कार्रवाई हो सकती है। दो साल पहले एनआईए ने जसबीर सिंह रोडे के निवास पर छापा मार कर बेटे गुरमुख सिंह के पास से पाकिस्तान से भेजा गया आरडीएक्स बरामद किया था। मामले में गुरमुख की गिरफ्तारी भी हुई।
खालिस्तान समर्थक और अजनाला थाने पर हमले के आरोपी अमृतपाल सिंह को 36 दिन बाद पंजाब पुलिस ने रविवार सुबह करीब पौने सात बजे मोगा में जरनैल सिंह भिंडरांवाले के गांव रोडे से गिरफ्तार कर लिया। वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल 18 मार्च से फरार था। उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) समेत आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं।
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पपलप्रीत सिंह की 10 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल सिंह अकेला पड़ गया था। गिरफ्तार होने से पहले तक पपलप्रीत ही उसके भागने और छिपने का पूरा इंतजाम कर रहा था।
पपलप्रीत के पकड़े जाने के बाद अमृतपाल मोगा के रोडे गांव के गुरुद्वारा साहिब के सेवादार जसबीर सिंह रोडे की पनाह में रहा।
जसबीर खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह भिंडरांवाले का भतीजा है। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के साथ वह पंजाब सरकार में चेयरमैन भी रह चुका है। माझा में उनका खासा जनाधार है। अमृतपाल की दस्तारबंदी कार्यक्रम में भी रोडे मौजूद था।
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जसबीर ने दावा किया है कि अमृतपाल को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उसने आत्मसमर्पण किया है। माना जा रहा है कि अमृतपाल को पनाह देने के मामले में आने वाले समय में जसबीर पर भी कार्रवाई हो सकती है।
जसबीर के बेटे के पास मिला था RDX
दो साल पहले एनआईए ने जसबीर सिंह रोडे के निवास पर छापा मार कर बेटे गुरमुख सिंह के पास से पाकिस्तान से भेजा गया आरडीएक्स बरामद किया था। मामले में गुरमुख की गिरफ्तारी भी हुई। वहीं, जसबीर का भाई लखबीर सिंह आईएसआई के लिए काम करता है। इंडियन सिख यूथ फेडरेशन के प्रमुख लखबीर रोडे पर कई आतंकी वारदात में शामिल होने के मामले दर्ज हैं।
भिंडरावाले के चित्र के सामने अरदास से उठे सवाल
गिरफ्तारी से पहले रोडे गांव के गुरुद्वारे में अमृतपाल के भिंडरांवाले की तस्वीर के सामने बैठकर की गई अरदास को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सिख धर्म की परंपराओं और मर्यादाओं के अनुसार, गुरु के सिख केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब और दस गुरुओं के समक्ष ही नतमस्तक होते हैं और उन्हीं के सामने अरदास करते हैं। कुछ सिख विद्वानों का कहना है कि पवित्र ग्रंथ को छोड़कर किसी के सामने अरदास में बैठना सही नहीं है।
पिता बोले-अब कानून के हिसाब से लड़ेंगे केस
अमृतसर। पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद अमृतपाल की सलामती के लिए फिक्रमंद रहा परिवार उसकी गिरफ्तारी के बाद तसल्ली में है। पिता तरसेम सिंह ने कहा बेटे के विदेश में संपर्क कोई अपराध नहीं है। अब इस केस को हम कानून के अनुसार लड़ेंगे।
सीएम मान बोले- पूरे ऑपरेशन की थी जानकारी, पूरी रात सो नहीं पाया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए राज्य पुलिस की पीठ थपथपाई है। उन्होंने कहा कि पंजाब और देश विरोधी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे अमृतपाल के खिलाफ कानून अपना काम कर रहा है और बेगुनाहों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गत मार्च को ही अमृतपाल को गिरफ्तार कर सकती थी, लेकिन गोली चल सकती थी और वह नहीं चाहते थे कि खून-खराबा हो।
मान ने बताया कि वह पूरी रात सो नहीं पाए। शनिवार रात ही उनके पास अमृतपाल को पकड़ने के लिए चलाए ऑपरेशन की जानकारी मिल गई थी। उन्होंने कहा कि वह हर 15-30 मिनट पर अपडेट लेते रहे, लेकिन अगर 3.5 करोड़ पंजाबियों की सुख-चैन के लिए हमें अपनी नींद गंवानी भी पड़े तो यह महंगी नहीं है। सीएम ने कहा कि 23 फरवरी को अमृतपाल ने जब अजनाला थाने पर पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ढाल बनाकर हमला किया था तो उन्होंने पुलिस को हिदायत दी थी कि किसी भी सूरत में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अपमान न होने पाए।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सर्वोपरि हैं, जिसके कारण पुलिस ने पावन स्वरूप को लेकर जाने वाले वाहन को उचित सम्मान दिया और उसकी सुचारु आवाजाही की अनुमति दी थी। भले ही इस घटना के दौरान कुछ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए, लेकिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सर्वोच्चता को यकीनी बनाया गया था। उन्होंने संकट की इस घड़ी में राज्य के लोगों को शांति और संयम बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया।