कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य सरकार की ओर से प्रिंसिपलों की विदेश में ट्रेनिंग कराने के फैसले की सराहना की लेकिन उसकी चयन प्रक्रिया पर सवाल भी उठाया। साथ ही, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किसी साधारण आदमी (मुख्यमंत्री भगवंत मान) के विराजमान होने पर खुशी का इजहार किया लेकिन जैसे ही उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट में भगवंत मान को मुश्किल में बताए जाने का उल्लेख किया, सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हो गई।
राजा वड़िंग ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए सदन में कहा कि अजनाला में जो कुछ हुआ, उससे तमिलनाडु-केरल के लोग सोच रहे हैं कि पंजाब में 40 साल पुराना माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि सरकार क्यों सो रही है? सरकार का पूरा इंटेलिजेंस फेल हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाने की फिराक में है। अमृतपाल के साथी लाहौर जाते हैं और वहां आईएसआई से मिलते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अमृतपाल की गिरफ्तारी कब होगी? इसके साथ ही राजा वड़िंग ने मान सरकार के स्कूलों, क्लीनिकों, मूंगदाल पर एमएसपी, ओपीएस स्कीम, खराब वित्तीय हालत का भी उल्लेख किया।
इसके बाद रमन अरोड़ा ने बहस में हिस्सा लेते हुए जालंधर में खेल उद्योग का जिक्र किया, जिस पर बोलने के लिए उठे खेल मंत्री मीत हेयर ने राजा वड़िंग को भी निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री पांच बार भी पंजाब में नहीं गए जबकि हमारे सीएम सूबे में ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर जो काम पिछली सरकारें अपने अंतिम साल में करती थी, आप सरकार ने पहले छह महीने में ही करके दिखा दिए।
सीएम सदन में आए तो हम उठकर चले जाएंगेः बाजवा
मुख्यमंत्री सदन में आए तो हम उठकर बाहर चले जाएंगे', यह फैसला मंगलवार को पंजाब कांग्रेस विधायक दल और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सदन में शून्यकाल के दौरान सुनाया। सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री और बाजवा के बीच हुई तीखी नोकझोंक और मुख्यमंत्री द्वारा कहे गए शब्दों को 'धमकी' करार देते हुए बाजवा ने एलान किया कि वह मुख्यमंत्री का बायकाट करेंगे।
उन्होंने कहा कि सोमवार को सदन में मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों बारे अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री के हावभाव और कहे गए शब्द अत्यंत निंदनीय थे। बाजवा ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री अपने शब्द वापस लेकर माफी नहीं मांगेंगे, हम उनकी उपस्थिति में सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे ही सदन में पहुंचेंगे, हम उठकर बाहर चले जाएंगे। इस समय मुख्यमंत्री सदन में नहीं हैं तो हम बैठे हैं और सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं, जब तक वे नहीं होंगे, हम सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे लेकिन उनके आते ही हम सदन से बाहर चले जाएंगे।