हजकां और भाजपा भले ही जुदा हो गए हैं, लेकिन अमित शाह और कुलदीप बिश्नोई की दोस्ती ऐप पर बेहद हिट है। जी हां, गठबंधन टूटने के बावजूद ऐप पर दोनों दलों की दोस्ती बरकरार है।
हजकां के साथ साथ इनेलो, हरियाणा जनचेतना पार्टी और भाजपा पार्टी का ऐप बना हुआ है, जहां पर प्रतिदिन जारी होने वाले प्रेस नोट और अन्य गतिविधियों की जानकारी दी जाती है।
हरियाणा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही ऐप का काम और बढ़ जाएगा। हजकां नेता एवं मीडिया कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रभारी संजय गौतम का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।
पार्टी के ऐप को चेक करवाया जाएगा। जल्द ही सुधार दिया जाएगा। भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि हजकां ने जब भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ दिया है तो ऐप से भी अलग हो जाना चाहिए।
चंडीगढ़ पुलिस भी चमक रही है ऐप पर
चंडीगढ़ पुलिस भी इस ऐप पर चमक रही है। ऐप में पुलिस कर्मचारियों द्वारा हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई पर की गई लाठीचार्ज की फोटो डाली गई है। इसके साथ ही एक सरकारी ट्रक खड़ा है, जिस पर चंडीगढ़ पुलिस लिखा हुआ है।
हजकां के कुलदीप बिश्नोई ने अपने समर्थकों के साथ हरियाणा की कांग्रेस सरकार के खिलाफ सेक्टर-25 में प्रदर्शन किया था, जहां पर पुलिस और समर्थकों के बीच जमकर बवाल हुआ था।
पुलिस ने इस घटना पर मामला भी दर्ज किया था। इस घटना में कुलदीप बिश्नोई सहित कई कार्यकर्ताओं को चोट भी आई थी। वाटर कैनर और आंसू गैस भी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए छोड़े गए थे।
ऐप पर भाजपा-हजकां का गठबंधन बरकरार
हजकां के प्रमुख कुलदीप बिश्नोई का जो ऐप है, उसमें अभी भी यही बताया जा रहा है कि हजकां और भाजपा का गठबंधन है। अभी तक हजकां का यह ऐप एक हजार से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
युवाओं को ज्यादा से ज्यादा जोड़ने के लिए ऐप का सहारा लिया गया था। इसमें दावा किया गया है कि अगली सरकार इसी गठबंधन की बनेगी और कुलदीप बिश्नोई इस गठबंधन के मुख्यमंत्री होंगे। इसमें हजकां पार्टी का चुनाव चिन्ह ट्रैक्टर और भाजपा पार्टी का चुनाव चिन्ह कमल का फूल भी एक साथ दिखाया गया है।
लोगों की मांग पर बनाया गया गठबंधन
ऐप में बताया गया है कि दोनों पार्टी का गठबंधन हरियाणा प्रदेश के लोगों की मांग पर बनाया गया है। इस ऐप पर पार्टी की उपलब्धि और एजेंडा भी बताया गया है। पिछला लोकसभा चुनाव भी दोनों राजनीतिक दलों ने एक साथ लड़ा था।
इस ऐप में हजकां द्वारा बताया गया कि क्यों पार्टी के गठन की जरूरत महसूस हुई। भाजपा-हजकां का गठबंधन बेशक टूट गया, लेकिन पार्टी का मोबाइल ऐप अब भी दोस्ती की गाथा गाने में जुटा है।
इस बार का हरियाणा चुनाव काफी हाईटेक है क्योंकि अधिकतर प्रचार ऐप, फेसबुक, ट्विटर, वाट्स ऐप और अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से जोर-शोर से हो रहा है। हर कोई नेता और राजनीतिक दल तक अपनी बात जल्द पहुंचाने के लिए प्रतिदिन इन्हें अपडेट कर रहा है।