भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की 15 फरवरी को जींद में होने वाली बाइक रैली को लेकर प्रदेश में तनाव बढ़ता जा रहा है। एक तरफ भाजपा ने रैली की तैयारियों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है तो दूसरी ओर जाट समाज रैली का विरोध करने के लिए जीन जान से जुटा है। वहीं, प्रदेश के सभी जिला प्रशासन टकराव की आशंका को देखते हुए शासन से अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां मांग रहे हैं।
कैथल जिला प्रशासन ने जिले की चारों विधान सभाओं के लिए सुरक्षा बलों की 10 कंपनियां मांगी हैं। छह कंपनियां जिले में पहले से ही मौजूद हैं। वहीं, जाट समाज के नेताओं ने कई गांवों का दौरा कर शाह की बाइक रैली को रोकने के लिए लोगों को निमंत्रण दिया।
गुहला-चीका में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने भाजपा सरकार पर प्रदेश का भाईचारा खराब करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायतों में सरपंच तुम्हारे, सीएम और पीएम तुम्हारा। न ही अभी चुनाव का वक्त, फिर किसको ललकारने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जींद में हुंकार भरने आ रहे हैं।
झज्जर में पानीपत ग्रामीण के विधायक महिपाल ढांडा पहुंचे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर शाह की रैली का प्लान तैयार किया। वहीं, जाट नेताओं ने भी शाह की मुखालफत के लिए कमर कस ली है। जाट नेता जितेंद्र बबला का दावा है कि जिले से एक हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में जाट समुदाय के लोग जींद पहुंचेंगे।
सिरसा में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान विनोद ढाका ने दावा किया कि जिले से 80 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर कार्यकर्ता जाएंगे। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह का कहना है कि जिले से अब तक साढ़े चार हजार बाइकों का पंजीकरण रैली में जाने के लिए हो चुका है। एसपी सिमरदीप सिंह का कहना है कि हम अलर्ट हैं, सभी सरपंचों के साथ बातचीत की जा रही है। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।