हत्या के केस में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे चार लोगों ने जमानत पर बाहर आकर मर्डर केस के मुख्य गवाह गांव की हत्या कर दी। महुआखेड़ी निवासी रणधीर सिंह (40) की छह गोलियां मारी। रणधीर रविवार सुबह साढ़े आठ बजे नखडौली गांव के सत्संग भवन में पत्नी और बच्चों को छोड़कर अपने गांव आ रहा थे।
बीच रास्ते उनकी स्विफ्ट डिजायर कार को पांच लोगों ने बोलेरो से ओवरटेक करके रुकवा लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। बाद में चाकू से भी कई वार किए। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए। बताते हैं कि नखड़ोली बस स्टैंड पर कुछ युवकों ने रणधीर की हत्या करके भाग रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह हवाई फायर करते हुए भाग गए।
रणधीर के चचेरे भाई पूर्णचंद की शिकायत पर गांव महुआखेड़ी निवासी मोहित, रजविंद्र सिंह, दिनकर, प्रकाश और मोहित के खिलाफ हत्या, शस्त्र अधिनियम व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वारदात की सूचना मिलते ही एसपी अंबाला अभिषेक जोरवाल और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।
उधर, मौके पर रणधीर के परिजनों और क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी पुलिस पर रणधीर को सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगा रहे थे। साथ ही एसआई श्याम लाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि रणधीर को आरोपी लगातार धमकियां दे रहे थे। पुलिस व कष्ट निवारण समिति में इसकी शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जांच में लापरवाही बरतने पर एसआई सस्पेंड
गवाह की हत्या
वहीं, एसपी जोरवाल ने मामले की जांच में लापरवाही बरतने वाले नारायणगढ़ थाने के एसआई श्याम लाल को सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के अनुसार, रणधीर सिंह सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने बच्चों और पत्नी को पास के गांव नखड़ोली में राधा स्वामी सत्संग घर में छोड़ कर गांव लौट रहे थे।
जैसे ही वह सत्संग घर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर पहुंचे काले रंग की बोलेरो में आए बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक करके रुकवा लिया। रणधीर ने गाड़ी को साइड में उतार लिया जिससे उनकी कार मिट्टी में धंस गई। रणधीर जैसे ही गाड़ी का दरवाजा खेलकर बाहर निकलने लगे हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां मारने के बाद बदमाशों ने उन पर चाकू से भी कई वार किए।
रणधीर की मौके पर ही मौत हो गई। भागने से पहले आरोपी रणधीर की लाइसेंसी पिस्तौल भी ले गए। सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। एसपी अभिषेक जोरवाल सहित, डीएसपी राजबीर सैनी आदि मौके पर पहुंचे। मामले की जांच के लिए सीन ऑफ क्राइम, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वायड आदि टीमों को भी मौके पर बुलाया गया।
यह था मामला
गवाह की हत्या
अक्तूबर 2013 में गांव महुआखेड़ी के रहने वाले युवक गुरदीप का क्रिकेट खेलते समय गांव के कुछ युवकों के साथ कहासुनी हो गई थी। इसकी रंजिश रखते हुए गांव के ही युवकों मोहित पुत्र नसीब, सुमित, रजविंद्र, मोहित पुत्र पूना राम व दिनकर ने गांव में ही चाकुओं से गोदकर गुरदीप की हत्या कर दी थी। गुरदीप अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और अविवाहित था। इस मामले में रणधीर सिंह मुख्य गवाह था।
जान का था खतरा, पुलिस को भी दी थी शिकायत
परिजनों का कहना है कि रणधीर सिंह को लगातार धमकियां मिल रही थीं। इससे परिवार सहमा हुआ था। 23 फरवरी 2018 को जमानत पर बाहर आए मोहित व अन्य ने स्थानीय बस स्टैंड पर रणधीर को पिस्टल दिखाकर धमकी थी। इसकी शिकायत नारायणगढ़ थाने में दी गई थी।
फरवरी 2018 में भी जिला कष्ट निवारण समिति में शिकायत दी थी, जिसकी जांच नारायणगढ़ थाने में तैनात एसआई श्याम लाल को सौंपी गई थी। परिजनों का आरोप है कि जेल में बंद आरोपी रणधीर को लगातार जान से मारने की धमकियां देते रहे हैं। इसका ऑडियो पुलिस को दिया गया था। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो आज रणधीर की हत्या न होती।
इकलौता बेटा था रणधीर सिंह
खेती करने वाला रणधीर सिंह माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके 2 बच्चे एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटी 10वीं में पढ़ती है जबकि बेटा सातवीं कक्षा में पढ़ता है।
बोले एसपी
एसपी अभिषेक जोरवाल ने कहा कि मामले की जांच सीआईए-2 अंबाला व सीआईए नारायणगढ़ को सौंपी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले एसआई श्याम लाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल उसे सस्पेंड कर दिया गया है।