बारिश के बाद पंचकूला से नजर आतीं शिवालिक की पहाड़ियां। फोटो : दिनेश भारद्वाज
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चंडीगढ़। बारिश से प्रदूषण में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। सोमवार रात 11 बजे चंडीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 31 दर्ज किया गया। इससे पहले प्रदूषण का इतना कम ग्राफ लॉकडाउन के समय देखा गया था। 29 मार्च को चंडीगढ़ का एक्यूआई 26 दर्ज किया गया था, जो देश के मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम था। उस वक्त चंडीगढ़ में सबकुछ बंद था, जिससे हवा बिल्कुल साफ हो गई?थी।
चंडीगढ़ के साथ पंचकूला और मोहाली की हवा भी बारिश के चलते साफ गई है। सोमवार को पंचकूला का एक्यूआई 64 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि 20 नवंबर तक हवा साफ रहेगी। उसके बाद वायु प्रदूषण में इजाफा होने लगेगा। अब जो भी प्रदूषण बढ़ेगा, वह शहर का अपना होगा। पराली व आतिशबाजी से निकलने वाले प्रदूषण के कण बारिश से हट गए हैं। ऐसे में अब बाहर से आने वाले प्रदूषण को दोष नहीं दे सकते। इस समय पंजाब में भी पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आ गई है।
दिवाली की रात चंडीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिकतम 140 दर्ज किया गया था जबकि पंचकूला का 280। चंडीगढ़ में तो वायु प्रदूषण नियंत्रण में था, जबकि पंचकूला में स्थिति खराब थी। हालांकि बारिश का पहले से ही पूर्वानुमान था। ऐसे में विशेषज्ञ पहले से ही अनुमान लगा चुके थे कि इस बार दिवाली के बाद वायु प्रदूषण के कारण ट्राइसिटी वासियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। रविवार रात व सोमवार सुबह हुई बारिश से दूषित हवा साफ हो गई है। अगले तीन दिन प्रदूषण बढ़ने के फिलहाल आसार नहीं हैं। 20 नवंबर के आसपास बादल छा सकते हैं। इससे प्रदूषण के स्तर में थोड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।