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एक्सक्लूसिव: सेना के गोला बारूद को बढ़ते तापमान से भी खतरा

Wed, 08 Jun 2016 09:39 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, अंबाला कैंटोनमेंट।
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s - फोटो : getty images
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महाराष्ट्र के पुलगांव आयुध डिपो में जो हादसा हुआ, उससे रक्षा मंत्रालय पूरी तरह से सकते में है। इसी के चलते देशभर की विभिन्न छावनियों में स्थित आयुध डिपो को और ज्यादा चौकसी व ऐहतियात बरतने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि पुलगांव आयुध डिपो घटना की उच्चस्तरीय जांच चल रही है, उसके बाद ही ये तय हो पाएगा कि ये घटना साजिश थी या  लापरवाही युक्त हादसा। 
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सेना के इस गोलाबारूद को साजिश व लापरवाही के साथ-साथ आज के बदलते पर्यावरण परिवेश में बढ़ रहे तापमान से भी खतरा है। उल्लेखनीय है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से तापमान बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। कई इलाकों में तो ये बहुत ज्यादा है। यह गोला बारूद रखने के गोदामों और डिपो के लिए अनुकूल नहीं है।

सैन्य सूत्रों के अनुसार इसलिए सभी आयुक्त डिपो में भेजे गए ऐहतियातन निर्देशों में विशेष तौर पर गोला बारूद रखने वाली जगहों का तापमान जरूर मेन्टेन रखने को कहा गया है। इसके लिए बाकायदा तापमान निर्धारित किया गया है। अत्यधिक तापमान की वजह से इन गोला बारूदों की वजह से होने वाली बड़े हादसे की आशंका को भी खत्म किया जा सके। जितने ज्यादा तापमान गोला बारूद रखने वाली जगह पर रहता, उससे खुद ही विस्फोट होने की आशंका बनी रहती है। 
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नियमित फायर फाइटिंग के आदेश

भारतीय सेना आग को नियंत्रित करने के लिए तैनात - फोटो : amar ujala
लोकल मिलिट्री अथॉरिटी के अधीनस्थ अंबाला के आयुध डिपो में भी हाईकमान से आए निर्देशों के चलते पूरी चौकसी व ऐहतियात बरता जा रहा है। ये आयुध डिपो करीबन 16 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है और पुलगांव हादसे के बाद इस पूरे डिपो का सिक्योरिटी एस्सेसमेंट किया जा रहा है।

साथ ही यहां नियमित फायर फाइटिंग ड्रिल के भी आदेश दिए गए हैं। जवानों की स्पेशल टुकड़ियों को आयुध डिपो के बाहर गश्त के लिए लगा दी गई है। साथ ही आयुध डिपो को हाई टेक्निक सीसीटीवी कैमरे की भी निगरानी में रखा गया है।

इस संबंध में एक सैन्य अफसर ने बताया कि आयुध डिपो के लिए यूनाइटेड नेशन की रेगुलेशन पर काम होता है। लिहाजा पुलगांव हादसे के बाद अंबाला में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। गोला बारूद की सुरक्षा के लिए जो भी डिपो के लिए स्टैंडिंग ऑपरेटिंग प्रोसिजर होता है, उसे नियमित दोहराया जाता है। उनके अनुसार बढ़ते तापमान से निपटने के लिए भी निर्धारित तापमान का भी इंतजाम किया गया है।
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