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टीवी सीरियल 'राम-सिया के लव कुश' पर बैन के आदेश, बवाल के बाद अमरिंदर सरकार का फैसला

Sat, 07 Sep 2019 11:03 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो - फोटो : एएनआई
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने टीवी सीरियल-राम-सिया के लव-कुश’ के प्रसारण पर संबंधित जिला आयुक्तों द्वारा तत्काल प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। वाल्मीकि समुदाय द्वारा टीवी धारावाहिक के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति को गोली मारने के बाद यह आदेश जारी किया गया है।
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एक टीवी चैनल पर पर चल रहे धारावाहिक राम सिया के लव कुश के खिलाफ वाल्मीकि समुदाय द्वारा पंजाब बंद का आह्वान किया गया, जिसका असर प्रदेश भर में देखने को मिला। मोहाली, फरीदकोट और कपूरथला में धारावाहिक के प्रसारण पर रोक लगा दी गई है। जालंधर में वाल्मीकि संगठनों ने पुतले फूंकते हुए विरोधी नारेबाजी की। वहीं कई लोगों ने रास्ता रोक कर विरोध प्रदर्शन किया।

होशियारपुर वाल्मीकि संगठनों के आह्वान पर पूरी तरह बंद है। सुबह हलवाई और खाने-पीने के सामान की दुकानें रोज की तरह ही खुली थीं। देखा देखी अन्य दुकानें भी हर रोज की तरह खुलने लगी थीं, लेकिन 9:30 बजे के बाद वाल्मीकि संगठनों के प्रतिनिधि दुकानें बंद कराने निकले, जिसके बाद से शहर पूरी तरह बंद है। वाहनों की आवाजाही भी कम है, बसें नहीं चल रही।
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जालंधर के नकोदर में एक प्रदर्शनकारी को गोली मारने का मामला सामने आया है। फाजिल्का में बंद के दौरान डीसी ऑफिस में असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंके। जालंधर में ज्योति चौक सब्जी मंडी में दुकानदारों की सब्जियां सड़क पर फेंक दी गईं।
 
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फरीदकोट के जिला मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ राज ने टीवी पर 5 अगस्त से चल रहे इस सीरियल के जिले में प्रसारण पर रोक लगा दी है। मोहाली के मजिस्ट्रेट कम डिप्टी कमिश्नर गिरीश दियालन ने भी मोहाली जिले में धारावाहिक के प्रसारण पर तुरंत प्रभाव से एक महीने के लिए रोक दिया है। उन्होंने केबल टेलीविजन नेटवर्क्स रेगुलेशन एक्ट 1995 के सेक्शन 19 के तहत यह फैसला लिया है।

बता दें कि धारावाहिक से कुछ वर्गों के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। वाल्मीकि समाज से जुड़ी संस्थाओं ने आरोप लगाया है कि इस सीरियल में भगवान वाल्मीकि से सम्बंधित तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है जिससे समाज की भावनाएं आहत हो रही है। गौरतलब है कि पहले यह चर्चा थी कि बंद की कॉल रद्द कर दी गई है, लेकिन अमृतसर के वाल्मीकि आश्रम रामतीर्थ की ओर से कोई घोषणा नहीं होने के कारण ऐसा नहीं है।
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