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प्रतिभाओं ने बढ़ाया मान तो अमर उजाला ने किया सम्मान, इन्होंने खूब समां बांधा

Mon, 23 Jan 2017 05:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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रोहतक में अमर उजाला ने किया युवा शक्ति का सम्मान
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खेल, कला, संस्कृति और व्यापार क्षेत्र में प्रदेश का मान बढ़ाने वाली युवा प्रतिभाओं को अमर उजाला ने विशेष युवा शक्ति सम्मान देकर सम्मानित किया। अमर उजाला की तरफ से एलपीएस बोसार्ड और स्कॉलर्स रोजरी के सहयोग से युवा शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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इसकी शुरुआत रविवार शाम पांच बजे हुई। इस मौके पर युवा दिलों की धड़कन कहे जाने वाले कवि कुमार विश्वास ने अपनी कविताओं समां बांध दिया। कुमार विश्वास के मंच पर आते ही हाल युवाओं की आवाज से गूंज गया। विश्वास ने भी चुटीले अंदाज में सभी का स्वागत किया।

हरियाणा की बोली-बानी, संस्कृति और स्वभाव का जिक्र करके उन्होंने युवाओं का दिल जीत लिया। विशेष अतिथि के तौर पर पधारे अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त ने कार्यक्रम की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि इस ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं को प्रोत्साहन मिलता है। इस मौके पर प्रदेश के सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर विशेष तौर पर मौजूद रहे।

इनका किया गया सम्मान

रोहतक में अमर उजाला ने किया युवा शक्ति का सम्मान
पीजीआईएमएस के सभागार में हुए कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यातिथि अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त और सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने दीप जलाकर किया। इसके बाद खेल, कला, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में प्रदेश का मान बढ़ाने वाली युवा प्रतिभाओं को एक-एक कर सम्मानित किया गया।

इसमें युवा शक्ति के रूप में अर्जुन अवार्डी बॉक्सर जितेंद्र कुमार, बिजनेसमैन आलोक सूद, बॉक्सर पूजा, पर्वतारोही सीमा गोस्वामी, हरियाणवी सतरंगी फिल्म की अभिनेत्री नरगिस नांदल और टेबल टेनिस में पांच बार स्टेट चैंपियन और नेशनल ओलंपियाड हार्दिक मलिक को पुरस्कृत किया गया।
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मंच पर आए और छा गए कुमार विश्वास

रोहतक में अमर उजाला ने किया युवा शक्ति का सम्मान
कुमार विश्वास के मंच पर आते ही हाल तालियों की गड़गड़ाहट और युवाओं की किल्की से गूंज गया। विश्वास ने पहले तो हरियाणा और रोहतक की जमकर तारीफ की। फिर चुटकी ली कि देश में कहीं भी कोई फजीहता यदि हो रहा हो तो उसकी जड़ में जाओगे तो हरियाणवी ही मिलेगा। उनके इशारे को समझकर दर्शकों ने जोरदार आवाज में स्वागत किया।

मंच से कविताओं की दो लाइन सुनाकर विश्वास हरियाणवी बोली-भाषा, संस्कृति, अंदाज और व्यवहार पर चुटकी लेते रहे। कभी वास्तविक घटनाओं का जिक्र करते तो कभी हरियाणवी में चुटकुले सुनाकर दर्शकों का मनोरंजन करते रहे। दर्शकों ने भी उनका उसी शिद्दत से स्वागत किया। कई कविताओं की पंक्तियां युवा दर्शकों को याद थीं। विश्वास आधी लाइन बोलकर छोड़ देते तो दर्शक आगे की लाइन पूरी कर देते।

दर्शकों की विशेष मांग पर उन्होंने अपनी विख्यात कविता कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है... को भी सुनाया। इस कविता के दौरान पूरा हाल झूम उठा। युवा दर्शक अपनी सीटों से खड़े होकर किल्की मारने लगे। दर्शकों के इस व्यवहार पर भी कवि ने चुटकी ली तो दर्शकों ने उसका भी तालियां बजाकर स्वागत किया। कुमार विश्वास ने अपनी कविताओं ने से न केवल प्यार की महफिल सजाई, बल्कि सीख भी दी। श्रृंगार रस से ओतप्रोत गीतों को सरल लेकिन अर्थपूर्ण शब्दों में गाकर उन्होंने मंच की गरिमा को नई ऊंचाई दी।

 
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