विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य पर अमर उजाला फाउंडेशन और श्री शिव कांवड़ महासंघ की ओर से मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया।
दम घोंटने वाली गर्मी के बीच 432 लोगों ने रक्तदान किया। सेक्टर-17 स्थित ब्रिज मार्केट में कैंप का उद्घाटन पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ब्लड का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। ऐसे में रक्त की कमी को रक्तदान ही पूरा कर सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रक्तदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लें।
कैंप में श्री ओंकार दास मित्तल चैरिटेबल ट्रस्ट, महामाई माता मनसा देवी चैरिटेबल भंडारा कमेटी (पटियाला वाले), लेदर्स डेन, शिव शक्ति सेवा मंडल बुडलाडा, पीजीआई और मेडिकल कालेज ब्लड बैंक का अहम सहयोग रहा। इस मौके पर पीजीआई स्थित रीजनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (रोटो) की टीम ने आर्गन डोनेशन के प्रति लोगों को जागरूक किया।
ब्लड व प्लेटलेट्स डोनर सम्मानित
ब्लड डोनेशन
रक्तदान कैंप में चंडीगढ़ के प्रशासक व गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने उन रक्तदाताओं को सम्मानित किया, जिन्होंने 100 या 90 से ज्यादा बार ब्लड डोनेट किया। इसमें मुख्य रूप से अश्विनी मुंजाल, राकेश रसीला, रणदीप बत्ता, राजेंद्र कौशल, अरुण कौशल, भूपिंदर सिंह भाटिया शामिल थे। इसके अलावा प्लेटलेट्स डोनर को भी सम्मनित किया गया। इनमें हकम सिंह जवांडा, राजन रैकी, मोहन सिंह, कालू त्यागी, सतीश सचदेव, सिमरजीत सिंह, वीरेंद्र कुमार मेहमी, प्रदीप पन्नू व पुनीत वर्मा शामिल रहे।
दिव्यांग पति-पत्नी पहुंचे
ब्लड डोनेशन कैंप में दिव्यांग पति-पत्नी भी पहुंचे। कैंप में जसपाल ने 24वीं बार, उनकी पत्नी हरदीप ने 11वीं बार ब्लड डोनेट किया। उनके साथ उनकी बेटी नवदीप भी आई थी, लेकिन किसी कारणवश वे ब्लड डोनेट नहीं कर पाईं। जसपाल ने बताया कि जब भी सेक्टर 17 में कैंप लगता है तो वे अपनी पत्नी के साथ जरूर ब्लड डोनेट करने आते हैं।
मां ने दो बेटियों के साथ रक्तदान दिया
ब्लड डोनेशन
कैंप में रक्तदाताओं के विभिन्न रंग देखने को मिले। श्री नीलकंठ महादेव सेवा समिति के प्रधान उमेश गुप्ता अपनी पूरी फैमिली के साथ रक्तदान करने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी पत्नी शैलजा और दोनों बेटियों अदिति और सलोनी ने रक्तदान किया। उमेश गुप्ता ने बताया कि वे रक्तदान करना चाहते थे, मगर थोड़े फिट नहीं थे। उनकी बेटी अदिति एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, जबकि सलोनी सीए की।
यदि नहीं दिया तो सेक्टर-38 में कर सकते हैं ब्लड डोनेशन
सेक्टर 17 में ब्लड डोनेशन से चूक गए हैं तो आपके पास शनिवार को मौका है। शनिवार को सेक्टर 38 स्थित मेन मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया जा रहा है। रक्तदान के अलावा छबील और लंगर का भी आयोजन होगा। प्रेसिडेंट जगतार सिंह व जनरल सेक्रेटरी बीसी थापर ने बताया कि रक्तदान का मकसद जरूरतमंदों को रक्त इकट्ठा करना है।
ब्लड डोनेशन
सोशल वर्कर होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती है कि समाज के प्रति कुछ योगदान दूं। मैं चौथी बार ब्लड डोनेट कर रही हूं। मुझे अमर उजाला अखबार से पता चला कि सेक्टर 17 में ब्लड डोनेशन कैंप लग रहा है।
- राजेश कुमारी, निवासी चंडीगढ़
आज मैंने 90वीं बार ब्लड डोनेट किया। मैं इस कैंप में पिछले कई सालों से आ रहा हूं। इस कैंप की खासियत है कि यहां पर सबकुछ अच्छी तरह से मैनेज किया जाता है। 18 साल होने पर हर युवा को ब्लड डोनेट करना चाहिए
- भूपिंदर सिंह भाटिया, निवासी चंडीगढ़
मैं पिछले 40 साल से ब्लड डोनेट कर रहा हूं। आज मैंने 105वीं बार ब्लड डोनेट किया। मेरी पत्नी पिछले आठ साल से ब्लड डोनेट कर रही हैं, जबकि दो बेटे मेरे न्यूजीलैंड में हैं, वे भी लगातार ब्लड डोनेट करते हैं।
- अरुण कौशल, निवासी जीरकपुर
ब्लड डोनेशन
मैंने 21वीं बार ब्लड डोनेट किया। 14 जून मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि इसी दिन मैंने नौकरी ज्वाइन की थी। मेरा ब्लड डोनेट करने का मकसद सिर्फ यही है कि कि मेरे एक छोटा सहयोग किसी जिंदगी के काम आ जाए।
- बलजीत मान, निवासी चंडीगढ़
मेरी यहां पर इमरजेंसी ड्यूटी थी। कैंप में आया तो लगा कि मुझे भी ब्लड डोनेट करना चाहिए। मैं चौथी बार ब्लड डोनेट कर रहा हूं। मेरी युवाओं से अपील है कि वे रक्तदान को अपना मिशन बनाएं। ज्यादा से ज्यादा ब्लड डोनेट करें ।
- सोमवीर सिंह एएसआई, चंडीगढ़ पुलिस
मैं 43 बार ब्लड डोनेट कर चुका हूं और 42 बार प्लेटलेट्स। ब्लड डोनेशन कैंप में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता हूं। डेंगू सीजन में प्लेट्लेट्स भी डोनेट करता हूं और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करता हूं। मैं अपना एक कैंप बापूधाम में भी लगाता हूं।
- कालू त्यागी, रक्तदाता बापूधाम
blood donation
मैं चंडीगढ़ का निवासी हूं, मगर मेरा ट्रांसफर दिल्ली हो चुका है। ब्लड डोनेशन के लिए मैं विशेष रूप से दिल्ली से आया हूं। मैं करीब 11 बार ब्लड डोनेट कर चुका है। हर बार ब्लड डोनेट करना मुझे अच्छा लगता है।
- विश्व गुप्ता, निवासी चंडीगढ़
मैं साल 1992 से श्री शिव कांवड़ संस्था से जुड़ा हूं। मैं खुद भी 32 बार ब्लड डोनेट कर चुका हूं। रक्तदान से बड़ी कोई जनसेवा नहीं है। मैं अपने बच्चे को भी इसी दिशा में आगे बढ़ा रहा हूं और मेरी युवाओं से अपील है कि वे बढ़चढ़कर रक्तदान करें।
- संजीव चड्डा, जनरल सेक्रेटरी चंडीगढ़ व्यापार मंडल