सूत्रों के अनुसार, शिकायत में कर्मचारियों पर 96 हजार रुपयों की वसूली का आरोप लगाया गया है। आरोपों के मुताबिक क्राइम ब्रांच के दो कर्मचारियों के नाम भी दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साउथ एएसपी ने रविवार को कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
एक से ज्यादा बार दी गई है शिकायत
सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच के कर्मचारियों के खिलाफ हर महीने अवैध वसूली की एक से ज्यादा शिकायत दी गई है। बताया जा रहा है कि इन शिकायतकर्ता में ज्यादातर शराब कारोबारी सेक्टर-39 थाना के अंतर्गत के है। पुलिस ने अभी तक इनमें से सिर्फ एक शिकायत पर ही मामला दर्ज किया है। सूत्रों के मुताबिक मामला यदि गंभीरता से लिया गया तो इसमें आरोपी कर्मचारियों के रहनुमा भी लपेटे में आ सकते हैं।
वीडियो में कैद हुए हैं कर्मी
सूत्रों के अनुसार, वसूली करने गए कर्मचारी वीडियो में कैद हो गए हैं। कर्मचारी ने वर्दी पहन रखी है जबकि क्राइम ब्रांच ज्यादातर सिविल वर्दी में रहती है। कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को वीडियो में कैद हुए आरोपी पुलिस कर्मचारी का पता चल गया है। आधिकारिक रूप से पुलिस वीडियो में पुलिसकर्मी के होने की बात मान रही है। इसके चलते ही भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पहचान न होने का हवाला देते हुए जल्द ही उसकी पहचान कराने की बात कह रहे हैं।
शराब ठेकेदार की शिकायत पर इंस्पेक्टर रंजीत हुए थे लाइन हाजिर
बता दें कि ऑपरेशन सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर रंजीत सिंह को 26 नवंबर को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच खोल दी गई थी। सूत्रों का कहना था कि इंस्पेक्टर रंजीत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सेक्टर-21 निवासी शराब ठेकेदार से केस की सेटेलमेंट करवाने का दबाव बनाकर रुपये की मांग की थी। इसके बाद ऑपरेशन सेल एसपी विनीत कुमार ने इंस्पेक्टर रंजीत सिंह को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच खोल दी थी। फिलहाल केस की जांच चल रही है।
अवैध वसूली करने की कई शिकायतें आ चुकी हैं। अभी तक एक शिकायत पर कार्रवाई की गई है। मामले में वीडियो और फुटेज भी सामने आई है। इससे इनकी पहचान करके अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी। अभी इस मामले में छानबीन चल रही है। - कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी, चंडीगढ़।