एग्रीमेंट में यह शर्त थी कि खरीदार प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री किसी के भी नाम करवा सकता है। इसके तहत अपूर्व कांत और सुभाष शर्मा ने नरेश कौशल से एग्रीमेंट करने के बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री किसी और के नाम करवा दी। नरेश कौशल ने बताया कि उनका एग्रीमेंट 6 करोड़ 25 लाख रुपये में हुआ था, लेकिन अपूर्व कांत और सुभाष शर्मा ने धोखे से उनकी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री 4 करोड़ 23 लाख रुपये में कर दी। पहले तो अपूर्व कांत ने कहा कि वह बाकी के 2 करोड़ 23 लाख रुपये उन्हें रजिस्ट्री के बाद दे देगा लेकिन रजिस्ट्री होने के बाद उन्हें आज तक रकम नहीं लौटाई। नरेश कौशल ने बताया कि उन्होंने अपूर्व कांत और सुभाष शर्मा के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में भी मामला दायर कर रखा है।
चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दबाया तो पहुंचे पंचकूला
नरेश कौशल ने बताया कि उन्होंने पहले तो चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने पंचकूला पुलिस को शिकायत दी। पंचकूला पुलिस ने मामले की जांच की और एक रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ एसएसपी को सौंप दी है। उस रिपोर्ट में पंचकूला पुलिस ने कहा कि जांच के अनुसार अपूर्वकांत व सुभाष शर्मा ने मिलकर नरेश कौशल से धोखाधड़ी की है। इन लोगों ने धोखे से नरेश कौशल की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री किसी और के नाम करवा दी और उनके बकाया 2 करोड़ 23 लाख रुपये नहीं दिए। आरोपियों ने आईपीसी की धारा 406 व 420 के तहत अपराध किया है।
आरोपों को नाकारा
पूर्व डीजीपी के बेटे अपूर्वकांत ने कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। उधर, सुभाष शर्मा ने कहा कि उन्होंने सारे पैसे दे दिए थे। उनके खिलाफ बेवजह की शिकायतें दी जा रही हैं।
सवा दो करोड़ की धोखाधड़ी के मामले की शिकायत आई है। आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। केतन बंसल, एसपी सिटी
2020 में एसएसपी विंडों पर दी थी शिकायत
नरेश कौशल ने बताया कि सवा दो करोड़ के धोखाधड़ी की शिकायत सबसे पहले 20 जुलाई 2020 चंडीगढ़ एसएसपी विंडो पर दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद भी कई शिकायतें दीं। चंडीगढ़ ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने पंचकूला पुलिस को शिकायत दी।