चंडीगढ़। संसद में पारित तीनों नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को देश में सबसे पहले चंडीगढ़ में लागू किया जाएगा। पहले चरण में 120 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। इन कानूनों को देशभर में एक वर्ष के भीतर लागू कर दिया जाएगा। प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा और डीजीपी प्रवीर रंजन ने शुक्रवार को यूटी सचिवालय में यह जानकारी दी। प्रशासक के सलाहकार ने शुक्रवार को सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में तीनों नए आपराधिक कानूनों को समझने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की ओर से तैयार विशेष आईओएस हैंडबुक का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की ओर तैयार किए एक एंड्रॉयड एप लर्न न्यू भारतीय लॉज को भी लॉन्च किया। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध यह एप नए कानून को समझने के लिए जांच अधिकारियों की मदद करेगा, वहीं आम लोगों के लिए जानकारी परक होगा। इस मौके पर प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसे सबसे पहले लागू करने के लिए चंडीगढ़ को चुना। उन्होंने उम्मीद जताई चंडीगढ़ पुलिस सरकार की उम्मीदों पर खरा उतरेगी।
इस मौके पर डीजीपी प्रवीर रंजन ने नवनियुक्त एडवाइजर राजीव वर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि 120 पुलिसकर्मियों को नए कानूनों से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 29 फरवरी तक शेष जांच अधिकारियों को भी इसमें प्रशिक्षित कर लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस की ओर से एक कोर्स मॉड्यूल तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर में स्थापित देश के एकमात्र सेनकॉप्स सेंटर में बहुत जल्द एक फ्यूजन सेंटर बनाया जाएगा, जिसमें आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित तमाम तरह का डाटा उपलब्ध रहेगा। इसके लिए एनसीआरबी से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीसीटीएनएस लागू करने में चंडीगढ़ पुलिस को लगातार तीसरे वर्ष पहला स्थान प्राप्त हुआ है। शुक्रवार को जारी हैंडबुक को अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में उपलब्ध कराया गया है। इस मौके पर गृह सचिव नितिन कुमार यादव, आईजी राजकुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी केतन बंसल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।