चंडीगढ़। जिला अदालत ने 2018 में की गई कार मैकेनिक की हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बीते शुक्रवार को कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था जबकि एक आरोपी को सबूतों अभावों के चलते बरी कर दिया था। दोषियों की पहचान लुधियाना का रहने वाला खेम सिंह उर्फ शैंटी, जगदेव सिंह उर्फ गग्गी और होशियारपुर निवासी गुरदीप सिंह के रूप में हुई है। वहीं, बरी होने वाली आरोपी की पहचान हरभजन सिंह उर्फ सूखा के रूप में हुई है। कोर्ट ने दोषियों को हत्या की धारा में दो-दो लाख तथा किडनैपिंग व सबूत मिटाने की धाराओं में 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश भरने के आदेश दिए हैं। कुल जुर्माना राशि 6.60 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये मृतक के परिवार को देने के आदेश दिए हैं।
क्या था मामला
मलोया थाना पुलिस ने छह साल पहले (2018) पेशे से कार मैकेनिक मोहम्मद अलीम नाम के शख्स की हत्या के मामले में आईपीसी की धारा 365, 302, 201 व 34 के तहत केस दर्ज कर चारों को गिरफ्तार किया था। मृतक मैकेनिक की पत्नी नीता ने पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। पुलिस को दी शिकायत में नीता ने बताया था कि साल 2013 में अलीम के साथ उसकी शादी हुई थी। वह मोहाली के गांव जुझार नगर में रहते थे। अलीम सेक्टर-48 में कार मैकेनिक का काम करता था। 11 अप्रैल 2018 को अलीम ने उसे फोन कर बताया कि वह घर का कुछ सामान लेकर वापस आ रहा है, लेकिन वह काफी देर तक जब नहीं लौटा और उसका फोन भी बंद आ रहा था। नीता ने पड़ोसी के साथ मिलकर उसे ढूंढना शुरू कर दिया। तलाश करने पर सेक्टर- 39 अनाज मंडी के पास उन्हें अलीम की कार लावारिस हालत में मिली। कार में किराने का सामान पड़ा था। बाद में पुलिस ने सिसवां डैम के पास उसका शव बरामद किया। पुलिस के मुताबिक खेम सिंह ने किसी पुरानी रंजिश के चलते अलीम को सेक्टर-39 की मंडी के पास से अगवा किया। फिर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को सिसवां डैम के पास झाड़ियों में फेंक दिया।