पार्टी तोड़ने के आरोप लगाकर मुझे पार्टी से निलंबित करना बिल्कुल निराधार है, मैंने कभी भी संगठन को कमजोर करने का प्रयास नहीं किया। मेरे जवाब को पार्टी की कमेटी के पास भेजा गया है। मुझ पर आरोप लगाने वाले लोगों के पास न कोई सुबूत है और न ही कोई साक्ष्य। ये बात सांसद दुष्यंत चौटाला ने स्थानीय जाट धर्मशाला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने शायराना लहजे में कहा कि कलेजा जालीमों के तीर पर, फैसला है करना, आसमान के बादलों को चीर कर।
दुष्यंत चौटाला को जाट धर्मशाला में कार्यकर्ता आया सीएम आया व भावी सीएम दुष्यंत चौटाला जिंदाबाद के जयघोष करते हुए पैदल लेकर आए। जाट धर्मशाला में सांसद चौटाला का हलका प्रधान करण सिंह देपल, शहरी प्रधान राजीव शर्मा व पूर्व जिला प्रधान राजेंद्र लितानी व धारा सिंह ने स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुभाष गोयल और नव नियुक्त जिला प्रधान सतबीर सिसाय ने दूरी बनाकर रखी। सांसद चौटाला ने कहा कि पार्टी की कमेटी ने आज तक उनसे स्पष्टीकरण पर कोई सवाल नहीं पूछा। उनका फैसला आने पर वे ओमप्रकाश चौटाला के पास जाएंगे और उसके बाद डॉ. अजय चौटाला के पास जाएंगे। अंतिम फैसला प्रदेश की जनता ही करेगी।
सांसद चौटाला ने कहा कि अगर वे थोड़े से भी कसूरवार हैं तो हर सजा भुगतने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने कोई कसूर नहीं किया। कुछ लोग पार्टी को बेवजह कमजोर करना चाहते हैं। वे किसी भी सूरत में चौ. देवीलाल के संघर्षों से बनी पार्टी को कमजोर नहीं होने देंगे और राह में कांटे भी आए तो छालों की प्रवाह किए बगैर उन पर चलकर जननायक चौ. देवीलाल के संघर्षों को जारी रखते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया कि अपने जोश को संभाल कर रखे, इसे समय आने पर ऐसी चिंगारी बना देना। जब उसमें आग लगे तो तूफान भी उसे न बुझा पाए। इस अवसर पर उकलाना के विधायक अनूप धानक, डॉ. खराती लाल, संजीत पंघाल, इंद्र फौजी, अनिल मित्तल, रेनू मक्कड़, सुरेंद्र फौजी, संतोष पान्नु, शीला भ्याण, जयबीर सिहाग, बाली भाटोल सहित काफी संख्या में युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।