अमलोह ब्लॉक के गांव बड़ाली का प्राइमरी स्कूल एक ही कमरे में चल रहा है। इसी कमरे में पहली से पांचवीं तक के 58 विद्यार्थी शिक्षा लेने को मजबूर हैं। स्कूल की इमारत बेहद खस्ता हो चुकी है। इस डर के कारण अध्यापकों ने खुद ही कमरों को खाली कर दिया है। यह सिलसिला पिछले 6 महीने से चल रहा है लेकिन शिक्षा विभाग को इस बारे में खबर तक नहीं है।
गांव बड़ाली का प्राइमरी स्कूल 1958 में बना था। उस समय स्कूल के पास तीन कमरे थे, उसके बाद पांच मई 2003 को कांग्रेसी विधायक साधू सिंह धर्मसोत ने यहां दो कमरों का निर्माण करवाया। इसके बाद एक कमरा बाद में भी बनवाया गया।
इसके चलते स्कूल के पास छह कमरे हो गए। अब छह में से दो कमरों की हालत खस्ता हो चुकी हैं। बाकी कमरों में प्रिंसिपल रूम और लाइब्रेरी है। ऐसे में पांचों कक्षाओं के विद्यार्थी एक ही कमरे में बैठने को मजबूर हैं। स्कूल में तीन अध्यापक हैं।
स्कूल इंचार्ज जसपाल कौर ने बताया कि पिछले एक साल से दो कमरों की हालत काफी खराब हैं। छतों पर डाट से लेंटर डाला हुआ है जिसमें बरसात के दिनों में पानी रिसता है, जिस कारण बच्चों को यहां पर नहीं बैठाया जा रहा है।