पंजाब किसान यूनियन के गुरजंट सिंह, कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के सुखजीत रामानंदी और मजदूर मुक्ति मोर्चा के विजय भीखी ने कहा कि नशे का सबसे बुरा असर स्कूली छात्रों पर पड़ता है। अगर प्राइवेट स्कूल यूनियन इस प्रकार का एक्शन लेती तो नशे की बिक्री आवश्यक रुकेगी। इस अवसर पर वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश सिंगला, महासचिव लक्खा सिंह, मुख्य वक्ता जसविंदर सिंह जौड़किया, कुलदीप सिंह, जगतार सिंह, जगजीत कौर धालीवाल, हरप्रीत सिंह पुरबा, गुरप्रीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
यूनियन के फैसले की प्रशंसा
प्राइवेट स्कूल यूनियन के इस फैसले की सराहना करते हुए लिबरेशन पार्टी के प्रदेश सचिव राजविंदर सिंह राणा ने कहा कि इस तरह की घोषणा से नशा बेचकर लोगों के बेटे-बेटियों को बर्बाद करने वालों की नींद खुल जाएगी कि अगर वे नहीं सुधरेंगे तो उनके अपने बच्चे भी बर्बाद हो जाएंगे।
नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले पर हुआ है केस
यूनियन के मुताबिक परमिंदर सिंह उर्फ झोटा करीब एक साल पहले नशे की लत में फंस गया था। इसके बाद परमिंदर अमृतधारी हो गया और पूरी तरह से नशे को त्याग दिया। उसे पता था कि किन-किन मेडिकल स्टोर पर नशा बिकता है। इसके खिलाफ अभियान चलाना शुरू किया। ऑटो लेकर बाजारों में नशे से बचने के लिए अनाउंसमेंट करके लोगों को जागरूक करने लगा। इसी बीच किसी के साथ छोटा-मोटा विवाद होने पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। यह देख सभी जत्थेबंदियां परमिंदर के पक्ष में उतर आईं। इसी के मद्देनजर प्राइवेट स्कूल यूनियन ने यह फैसला लिया है।
शिकायतों के आधार पर जांच की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति नशे के धंधे में लिप्त पाया जाता है तो उसके बच्चे का नाम निजी स्कूल से काट दिया जाएगा। नशा बेचने वालों के कुछ बच्चे भी नशा खरीदते हैं। इसी कारण इस तरह का कदम उठाया गया है। हरदीप सिंह जटाना, प्रदेश सचिव, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का फैसला पूरी तरह गलत है। इसमें बच्चों का क्या कसूर है। अभिभावक गलत हैं तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाकर बात की जाएगी। हरिंदर सिंह भुल्लर, जिला शिक्षा अधिकारी, मानसा।