बेरोजगार युवाओं में रोजगार के सपने अंकुरित करने वाली प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) योजना प्रशासन के अधिकारियों की बेरुखी की वजह से चंडीगढ़ में दम तोड़ रही है। कोरोना के बाद करीब साढ़े चार साल से पीएमकेवीवाई के सभी निजी केंद्र बंद पड़े हैं। प्रशिक्षण केंद्र कब खुलेंगे, ये जानकारी किसी को भी नहीं है।
पूरा देश 15 जुलाई को युवा कौशल दिवस मना रहा है लेकिन चंडीगढ़ के युवा को कौशल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई युवा, जो ट्रेनिंग पाकर नौकरी लग सकते थे अब वह नशे व अन्य आपराधिक गतिविधियों की तरफ जा रहे हैं। न छात्रों को समझ में आ रहा है और न ही प्रशिक्षण केंद्र के संचालकों को आजतक समझ आया है कि पीएमकेवीवाई के कोर्स कोरोना के बाद से चंडीगढ़ में बंद क्यों हैं। जबकि देश के अधिकतर राज्यों में चल रहे हैं। छात्र ट्रेनिंग भी ले रहे हैं और नौकरी भी पा रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि यह सब प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से हुआ है। अधिकारियों ने इस योजना को गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से कोरोना के बाद से चंडीगढ़ को पीएमकेवीवाई का नया टारगेट/कोटा नहीं मिला है।
नाम न छापने की शर्त पर योजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय से ही स्कीम रिन्यू नहीं हुई है। निजी केंद्रों के लिए केंद्र सरकार से ग्रांट आती है। उम्मीद है कि अब जल्द कोटा मिल जाएगा।
युवाओं को पसंद नहीं कम पगार वाली नौकरियां
शहर भर में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के करीब 16 प्रशिक्षण केंद्र हैं, जो मनीमाजरा, सेक्टर-8, 28, 34, मौलीजागरां, मक्खन माजरा, हल्लोमाजरा समेत अन्य जगहों पर स्थित हैं। मनीमाजरा समेत कुछ इलाकों के केंद्र पूरी तरह से बंद हैं, जबकि कुछ केंद्र चल रहे हैं लेकिन उनमें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कराए जाने वाले कोर्स बंद हैं। योजना का दूसरा पहलू यह भी है कि कम पगार वाली नौकरियां युवाओं में आकर्षण पैदा नहीं कर पा रहीं, लिहाजा कईयों ने प्लेसमेंट के महीने-दो महीने बाद ही नौकरी छोड़ दी थी।
पीएमकेवीवाई 2.0 रहा सबसे सफल
पीएमकेवीवाई शहर में जुलाई 2015 में शुरू हुई थी। पहले साल 4297 युवाओं ने प्रशिक्षण केंद्रों में दाखिला लिया। इनमें से आधे युवाओं ने कोर्स पूरा किया और 683 की नौकरी लगी। पीएमकेवीवाई 2.0 सबसे सफल रहा। पूरे शहर में 21913 युवाओं ने प्रशिक्षण केंद्रों में दाखिला लिया। इनमें से अधिकतर ने कोर्स पूरा किया और 17091 युवाओं के मूल्यांकन के बाद उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस चरण में 5813 युवाओं की प्लेसमेंट हुई। 2021 में पीएमकेवीवाई 3.0 शुरू हुआ, जो चंडीगढ़ में फिसड्डी रहा। सिर्फ 1839 युवाओं ने प्रशिक्षण केंद्रों में दाखिला लिया। आधे युवाओं ने ही प्रशिक्षण कोर्स पूरा किया और नौकरी सिर्फ 152 को मिली।
तीन तरह के कोर्स होते हैं संचालित
वर्ष 2017-18 से 2021-22 के दौरान चंडीगढ़ में 21,355 युवाओं को ट्रेनिंग दी गई है। इसमें से कई आईटी की बड़ी कंपनियों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, कॉल सेंटर समेत कई तरह के काम कर रहे हैं। पीएमकेवीवाई में तीन तरह के कोर्स होते हैं, इनमें तीन महीने, छह महीने और एक साल के कोर्स के लिए पंजीकरण होता है। कोर्स पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है। योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है, जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं।
पीएमकेवीवाई योजना के केंद्रों को लेकर अभी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, क्योंकि मैंने दो दिन पहले ही ज्वाइन किया है। पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाउंगा।
- रुबिंदरजीत सिंह बराड़, निदेशक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा विभाग